नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने केरल में कांग्रेस-नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई विवाद नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी नेतृत्व सभी पक्षों से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय करेगा और यह सभी को मान्य होगा। केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ पर्यवेक्षक रहे पायलट ने कहा कि इस “स्पष्ट जनादेश” से राज्य की राजनीति को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले ही यह तय किया गया था कि बहुमत मिलने के बाद सभी निर्वाचित विधायक, सहयोगी दलों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद प्राप्त सुझावों और राय के आधार पर दिल्ली में पार्टी नेतृत्वमल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता जिम्मेदारियों का निर्धारण करेंगे।
उन्होंने कहा कि यही प्रक्रिया पार्टी अन्य राज्यों में भी अपनाती रही है और केरल में भी उसी पर अमल किया जाएगा। पायलट ने जोर देकर कहा कि नेतृत्व का जो भी फैसला होगा, उसे केरल का हर कांग्रेस कार्यकर्ता स्वीकार करेगा। यह रुख चुनाव से पहले, प्रचार के दौरान और अब भी कायम है। अंतिम परिणाम आने के बाद विधायकों से भी राय ली जाएगी।
पायलट ने इस जीत को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि केरल के मतदाता बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत रंग लाई है। पार्टी की घोषणाएं और मुद्दे जनता ने स्वीकार किए हैं, जिससे राज्य में बदलाव का रास्ता खुलेगा। पायलट के मुताबिक केरल एक उदाहरण है जहां संगठन की एकजुटता और लगातार प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। अब पार्टी जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगी।
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार 140 सदस्यीय विधानसभा में यूडीएफ 95 से अधिक सीटों पर आगे है या जीत दर्ज कर चुका है और 10 साल बाद राज्य में सरकार बनाने की स्थिति में है, जिससे एलडीएफ शासन का अंत होता दिख रहा है।