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केरल में वाम के पतन को शशि थरूर ने कहा - 'राजनीतिक इतिहास के एक बड़े अध्याय का अंत'

चुनाव आयोग से सामने आए रुझानों के अनुसार UDF ने भारी जीत हासिल करते हुए लगभग एक दशक बाद सत्ता में वापसी की ओर कदम बढ़ाया है।

By Moumita Bhattacharya

May 04, 2026 15:56 IST

कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने सोमवार को केरल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के लिए 'ऐतिहासिक' और अभूतपूर्व जनादेश बताया। चुनाव आयोग से सामने आए रुझानों के अनुसार UDF ने भारी जीत हासिल करते हुए लगभग एक दशक बाद सत्ता में वापसी की ओर कदम बढ़ाया है।

मीडिया से बात करते हुए शशि थरूर ने कहा कि जीत का पैमाना उम्मीदों से कहीं बड़ा है और यह मतदाताओं में राजनीतिक बदलाव की मजबूत इच्छा को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए ऐतिहासिक दिन है। यह एक शानदार जीत है… जितनी हमने उम्मीद भी नहीं की थी, उससे भी बड़ी। हम केरल में एक अद्भुत परिणाम देख रहे हैं संभवतः 100 से अधिक सीटों के साथ। थरूर ने यह भी कहा कि यह परिणाम भारत के राजनीतिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

उनके अनुसार केरल में वामपंथी दलों का पतन उनके अंतिम बड़े गढ़ के खत्म होने का संकेत हो सकता है। कुछ मायनों में यह भारत के लोकतांत्रिक राजनीतिक इतिहास के एक बड़े अध्याय का अंत है।

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UDF (कांग्रेस-नेतृत्व वाला गठबंधन) ने 140 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। शुरुआती रुझानों में यह सत्तारूढ़ पार्टी LDF से स्पष्ट रूप से आगे दिख रहा है, जिसका नेतृत्व मुख्यमंत्री पिनरई विजयन कर रहे हैं।

यह जनादेश LDF के 10 साल के शासन के प्रति एक निर्णायक अस्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें सत्ता विरोधी लहर और शासन से जुड़ी चिंताओं को प्रमुख कारण माना जा रहा है। शशि थरूर ने कहा कि यह जनादेश राज्य में परिवर्तन और बेहतर शासन की मांग का संकेत है। उन्होंने कहा कि हमारा ध्यान सुशासन, बदलाव और पिछले 10 वर्षों में निराशाजनक रही राजनीतिक कथा को बदलने पर होना चाहिए।

बेरोजगारी और पलायन की चिंताओं को लेकर उन्होंने कहा कि नई सरकार को रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को प्राथमिकता देनी होगी। हम चाहते हैं कि केरल ऐसा राज्य बने जहां निवेश आए, व्यवसाय बढ़ें और हमारे युवाओं को बाहर जाने के बजाय यहीं अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि लोगों ने साफ तौर पर बदलाव की अपनी इच्छा व्यक्त की है।

वर्तमान में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी सहित कई राज्यों में मतगणना जारी है और कड़ी सुरक्षा के बीच नतीजे धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।

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