कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने स्पष्ट बढ़त बनाते हुए राज्य की राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह बदलने के संकेत दे दिए हैं। चुनाव आयोग द्वारा दोपहर 2:30 बजे जारी रुझानों के मुताबिक, भाजपा 191 सीटों पर आगे है, जबकि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) 96 सीटों तक सीमित दिखाई दे रही है।
इन रुझानों के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में “रामराज्य आ गया है।” उन्होंने दावा किया कि जनता ने भाजपा को स्पष्ट जनादेश दिया है और अब राज्य में नई सरकार बनने जा रही है।
रुझानों के सामने आते ही कोलकाता स्थित भाजपा कार्यालय में जश्न का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने ‘झालमुड़ी’ बांटी और ढोल-नगाड़ों के साथ जीत के संकेतों का उत्सव मनाया। पार्टी कार्यालय में समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी और माहौल पूरी तरह उत्साहपूर्ण दिखाई दिया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि इस बार जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी नीतियों का असर अब राज्य में साफ दिखाई दे रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस पर भी तीखे राजनीतिक तंज कसे गए।
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने भी दावा किया कि राज्य में जल्द ही “जनता की सरकार” बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का लंबे समय से चला आ रहा राजनीतिक दबदबा अब समाप्ति की ओर बढ़ रहा है और जनता ने बदलाव का मन बना लिया है।
इस चुनाव में राज्य ने रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया है। पहले चरण में 93.19 प्रतिशत और दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ, जिससे कुल मतदान प्रतिशत 92.47 तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।
2021 विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार की तस्वीर काफी अलग दिखाई दे रही है। 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटों के साथ भारी बहुमत हासिल किया था, जबकि भाजपा 77 सीटों पर सीमित रह गई थी। लेकिन 2026 के रुझान इस बार पूरी तरह उलट राजनीतिक परिदृश्य दिखा रहे हैं।
रुझानों के बीच कोलकाता में राजनीतिक तापमान भी बढ़ गया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए, जिससे शहर में सियासी तनाव और माहौल और अधिक गरम हो गया है। फिलहाल मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम आना बाकी है, लेकिन मौजूदा रुझान पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़े परिवर्तन की ओर स्पष्ट संकेत दे रहे हैं।