बैरकपुरः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच राज्य के कई हिस्सों में हिंसक घटनाएं सामने आई हैं, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया है। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित राष्ट्रगुरु सुरेंद्रनाथ काउंटिंग सेंटर पर अचानक झड़प हो गई, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद सुरक्षा बल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसी दौरान कूचबिहार के दिनहाटा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़प हो गई। हालात बिगड़ने पर केंद्रीय सुरक्षा बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। इसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।
हालांकि, जलपाईगुड़ी रेंज की डीआईजी अंजलि सिंह ने स्थिति को शांत बताते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क और तैयार हैं। इन घटनाओं के बीच मतगणना के रुझान भाजपा के पक्ष में मजबूत दिखाई दे रहे हैं। चुनाव आयोग के अनुसार भाजपा 192 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और बहुमत के आंकड़े को पार कर चुकी है। इससे राज्य में सत्ता परिवर्तन की संभावना मजबूत होती दिख रही है।
रुझानों में बढ़त के साथ ही कोलकाता में भाजपा समर्थकों ने जश्न शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आवास के बाहर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए गए, जिससे राजनीतिक तनाव और बढ़ गया। वहीं, ममता बनर्जी ने मतगणना प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर गिनती रोकी गई है और वास्तविक रुझानों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग, केंद्रीय बलों और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और दावा किया कि उनकी पार्टी 100 से अधिक सीटों पर आगे है। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं और काउंटिंग एजेंट्स से अपील की कि वे मतगणना केंद्रों को न छोड़ें और अंतिम परिणाम तक डटे रहें। उनका कहना है कि स्थिति अभी बदल सकती है।
यह चुनाव पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि राज्य में पिछले 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है, जबकि उससे पहले लंबे समय तक वामपंथी दलों का शासन रहा है। फिलहाल मतगणना जारी है और अंतिम परिणाम आना बाकी है, लेकिन हिंसा, आरोप-प्रत्यारोप और बदलते रुझानों ने चुनावी माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है।