कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) बहुमत के बेहद करीब पहुंचती नजर आ रही है, जबकि लंबे समय से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस (TMC) पीछे चल रही है।
BJP को बढ़त, TMC पीछे
चुनाव आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार BJP 121 सीटों पर आगे चल रही है। एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC 71 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। इसके अलावा TMC के सहयोगी BGPM एक सीट पर आगे है। इन रुझानों ने पूरे राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
एग्जिट पोल से अलग दिख रहा रुझान
चैनलों के अनुमान में BJP को 160 सीटों तक बढ़त मिलती दिख रही है, जो बहुमत के आंकड़े 148 से अधिक है। वहीं TMC को 121 सीटों के आसपास रखा जा रहा है। अगर यह रुझान अंतिम परिणाम में बदलता है, तो राज्य में सत्ता परिवर्तन संभव है।
शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दावा
BJP नेता और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि उनकी पार्टी सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती रुझान BJP के पक्ष में हैं और पार्टी 135 से अधिक सीटें जीत सकती है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई क्षेत्रों में वोटों का ध्रुवीकरण देखने को मिला है और हिंदू मतदाता भाजपा के पक्ष में एकजुट हुए हैं।
राजनीतिक ध्रुवीकरण पर बयान
शुभेंदु अधिकारी के अनुसार मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे क्षेत्रों में वोटों का विभाजन देखने को मिला है। उन्होंने दावा किया कि यह चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है और BJP को बढ़त दिला सकता है।
इस बार पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया है। दूसरे चरण में 91.66% और पहले चरण में 93.19% मतदान हुआ, जिससे कुल मतदान 92.47% तक पहुंच गया। यह आजादी के बाद सबसे अधिक मतदान में से एक माना जा रहा है।
2021 की तुलना में बड़ा बदलाव
2021 विधानसभा चुनाव में TMC ने 213 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था, जबकि BJP 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्ष बनी थी। उस समय TMC को लगभग 48% वोट मिले थे। लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन पूरी तरह पिछड़ गया था।
बंगाल की राजनीति में नया मोड़
2026 के रुझान संकेत दे रहे हैं कि बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है। जहां BJP बहुमत के करीब दिख रही है, वहीं TMC अपने गढ़ को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। अंतिम परिणाम यह तय करेंगे कि राज्य में सत्ता परिवर्तन होगा या नहीं।