कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना आज सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है, लेकिन नतीजों से पहले ही राज्य का राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है। चुनाव आयोग ने इस बार दो प्रमुख चिंताओं-विजय जुलूस से संभावित हिंसा और मतगणना केंद्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने-को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
विजय जुलूस पर नजर, पुरानी घटनाओं से सबक
चुनाव आयोग को आशंका है कि नतीजों के बाद निकलने वाले विजय जुलूसों में तनाव या हिंसा की स्थिति बन सकती है। पिछले चुनावों और उपचुनावों में हुई घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। हालांकि इस बार विजय जुलूस पर सीधे रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
लोडशेडिंग और तकनीकी गड़बड़ी से बचाव की तैयारी
दूसरी बड़ी चिंता मतगणना केंद्रों में बिजली आपूर्ति को लेकर है। 2021 के नंदीग्राम मतगणना के दौरान बिजली कटौती को लेकर उठे विवाद को देखते हुए इस बार चुनाव आयोग ने अतिरिक्त बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित की है। उस घटना में विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए थे, जो मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है।
मौसम विभाग ने भी कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होने की संभावना को गंभीरता से लिया जा रहा है।
रुझान दोपहर तक साफ होने की उम्मीद
राजनीतिक दलों का मानना है कि मतगणना का रुझान दोपहर 12 बजे तक स्पष्ट हो जाएगा। हालांकि प्रक्रिया की जटिलता और नए दिशानिर्देशों के कारण पूरी गणना में समय लग सकता है। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि वह बड़ी बढ़त के साथ आगे बढ़ेगी, जबकि भाजपा का दावा है कि परिणामों में बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा।
टीएमसी का आत्मविश्वास: 200 से अधिक सीटों का दावा
तृणमूल कांग्रेस पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है। पार्टी का दावा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर 200 से अधिक सीटों के साथ सत्ता में वापसी करेंगी। ममता बनर्जी ने अंतिम चरण की रणनीति के तहत अपने आवास पर पार्टी एजेंटों के साथ बैठक कर जरूरी निर्देश दिए हैं। पार्टी ने अपने सभी एजेंटों को सतर्क रहने और प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने को कहा है।
भाजपा का दावा: सत्ता परिवर्तन तय
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया है कि इस बार राज्य में सत्ता परिवर्तन निश्चित है। उन्होंने कहा कि पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा और भाजपा सरकार बनाएगी। उन्होंने अपने एजेंटों को हर राउंड की गिनती पर पैनी नजर रखने और पूरी प्रक्रिया में सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आशंका जताई है कि अगर परिणाम अनुकूल नहीं आते हैं तो कुछ स्थानों पर गड़बड़ी या प्रक्रिया में देरी की कोशिश हो सकती है।
वहीं सीपीएम ने भी चुनाव आयोग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए वीवीपैट पर्चियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
दोनों दलों की रणनीति अंतिम चरण में
भाजपा और तृणमूल दोनों ने मतगणना को लेकर अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। भाजपा ने राज्य और केंद्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय किए हैं, जबकि तृणमूल ने 40 से अधिक पर्यवेक्षकों को विभिन्न जिलों में तैनात किया है ताकि हर चरण पर निगरानी रखी जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों के बीच अब सभी की नजरें अंतिम नतीजों पर टिकी हैं। चुनाव आयोग ने भरोसा जताया है कि मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में संपन्न होगी।