नई दिल्ली: चार राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम—और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की कुल 823 विधानसभा सीटों के लिए मतगणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मतों की गिनती की शुरुआत पोस्टल बैलेट से की गई है, जिसके बाद सुबह 8:30 बजे से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मतों की गणना की जा रही है। हर राउंड के नतीजे ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म और चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर तुरंत अपडेट किए जा रहे हैं।
मतगणना शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। पश्चिम बंगाल के मालदा में गिनती के दौरान बख्तरबंद वाहनों के साथ गश्त की जा रही है। वहीं केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कई स्ट्रॉन्ग रूम मतगणना शुरू होने से पहले ही खोले गए।
इस बीच कुछ जगहों पर राजनीतिक दलों के एजेंटों के बीच बहस की स्थिति भी देखी गई। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक एजेंट ने आरोप लगाया कि उन्हें मतगणना केंद्र के अंदर फाइल और पेन ले जाने की अनुमति नहीं दी गई, जबकि भाजपा एजेंटों को इसकी इजाजत दी गई। उन्होंने कहा कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए।
दूसरी ओर, भाजपा के एक एजेंट ने आरोप लगाया कि टीएमसी के एजेंट बिना पहचान पत्र के केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे और बेवजह विवाद खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल और भवानीपुर में भाजपा को बहुमत मिलने जा रहा है।
तमिलनाडु में मतगणना के लिए सोमवार सुबह से ही तीन-स्तरीय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई थी। कॉलेज परिसरों के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए और बैरिकेडिंग के जरिए हर आने-जाने वाले वाहन की जांच की जा रही है।
चेन्नई का लोयोला कॉलेज प्रमुख मतगणना केंद्रों में शामिल है, जहां लगभग 4.8 करोड़ वोटों की गिनती के लिए ईवीएम रखी गई हैं। इसके अलावा क्वीन मैरी कॉलेज और अन्ना विश्वविद्यालय को भी मतगणना केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, कड़ी सुरक्षा, तकनीकी निगरानी और राजनीतिक सतर्कता के बीच मतगणना की प्रक्रिया जारी है, और सभी की नजरें अब आने वाले नतीजों पर टिकी हुई हैं।