नई दिल्ली : दिल्ली के विवेक विहार इलाके में स्थित चार मंजिला रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। इस हादसे की जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार इमारत में आपातकालीन निकास का कोई इंतजाम नहीं था। वहीं छत का दरवाजा भी बंद था जिससे लोग बाहर नहीं निकल सके और अंदर ही फंस गए।
जांच एजेंसियों का मानना है कि धुएं और आग की तेज गर्मी के कारण अधिकांश लोगों की दम घुटने से मौत हुई। इमारत के एक हिस्से में लोहे की ग्रिल लगी थी और सीढ़ियों के दरवाजे पर भी ताला लगा हुआ था। इससे लोगों के बच निकलने के सभी रास्ते बंद हो गए थे।
तफ्तीश में यह भी पता चला है कि इमारत की बनावट में कई खामियां थीं। चार मंजिला भवन में आने-जाने के लिए केवल एक ही सीढ़ी थी। आग तेजी से इमारत के पिछले हिस्से तक फैल गई, लेकिन लोग खिड़कियों से भी बाहर नहीं निकल पाए क्योंकि सभी बालकनियों को लोहे की ग्रिल से ढका गया था। इसी वजह से दमकल कर्मियों को राहत और बचाव कार्य में भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों के मुताबिक आग की शुरुआत एक एयर कंडीशनर में विस्फोट होने से हुई। आरोप है कि इस इमारत और बगल के मकान के बीच पर्याप्त दूरी नहीं थी जिसके कारण आग तेजी से पड़ोसी भवन तक भी फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत के अंदर से लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। जान बचाने के लिए कुछ बच्चों को सामने की ओर से नीचे कूदते भी देखा गया।
पुलिस के अनुसार हादसे में शिखा जैन (45), अरविंद जैन (60), अनीता (58), निशांत (35), आंचल (33), आकाश जैन, नितिन जैन (50), शैली (48) और सम्यक जैन (25) की मौत हुई है। वहीं, नवीन जैन गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है।
सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि एसी विस्फोट के अलावा आग लगने के पीछे कोई और वजह तो नहीं थी।