इस्लामाबाद : पाकिस्तान के ग्वादर फ्री ज़ोन से बड़ी खबर सामने आई है। एक चीनी कंपनी ने अपने कारखाने को बंद करने का निर्णय लिया है और साथ ही सभी कर्मचारियों को छंटनी कर दिया है। कंपनी ने इस कदम का कारण व्यापार के लिए अनुकूल माहौल का न होना और लगातार वित्तीय हानि बताया है।
समाचार माध्यम द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार ह्यांगेंग ट्रेड कंपनी ने यह निर्णय अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर सार्वजनिक किया। कंपनी ने बताया कि गैर-व्यावसायिक कारणों और कई प्रबंधन-संबंधी समस्याओं के चलते व्यापार चलाना असंभव हो गया था।
कंपनी का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय मानक बनाए रखने के बावजूद उनके उत्पादों के निर्यात में रुकावटें आ रही थीं। इस वजह से उन्हें लगातार आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा था। पिछले तीन महीनों से अधिकारियों के साथ संपर्क में रहकर समस्याओं के समाधान की कोशिश की गई लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका।
इन परिस्थितियों के चलते कंपनी को मजबूरन कारखाना बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। कंपनी ने यह भी कहा कि बंद करने से पहले कर्मचारियों का तीन महीने का वेतन, जुर्माना, बिजली का बिल और कंटेनर डेमरेज शुल्क सभी का भुगतान कर दिया गया। कंपनी ने आगे बताया कि पाकिस्तान और चीन के बीच संबंध घनिष्ठ हैं। ग्वादर प्रोजेक्ट, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस द्विपक्षीय सहयोग की भावना के तहत ही इस निवेश को अंजाम दिया गया था। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि व्यापार को टिकाए रखने के लिए साफ और प्रभावी व्यावसायिक माहौल की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ़ इस महीने के अंत में चीन की यात्रा कर सकते हैं। वहां उन्हें एक व्यापारिक निवेश मंच में शामिल होना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने ग्वादर में विदेशी निवेश और व्यापार के भविष्य को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।