नई दिल्ली : भारत की पुरुष बैडमिंटन टीम टॉमस कप में एक बार फिर फाइनल में पहुंचने के लक्ष्य के साथ उतरी लेकिन सेमीफाइनल में फ्रांस के खिलाफ उसे शुरुआती झटका लगा और मुकाबला कठिन स्थिति में पहुंच गया। टीम पहले ही ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित कर चुकी थी लेकिन लक्ष्य फाइनल तक पहुंचने की उम्मीद के साथ मैदान में उतरी थी।
भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती तब सामने आई जब प्रमुख सिंगल्स खिलाड़ी लक्ष्य सेन चोट के कारण इस अहम मुकाबले से बाहर हो गए। यह निर्णय सेमीफाइनल शुरू होने से कुछ घंटे पहले लिया गया जब चिकित्सकों ने उन्हें आराम की सलाह दी। बताया गया कि क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के खिलाफ खेलते समय कई बार डाइव लगाने के दौरान उनके कोहनी में गंभीर चोट लग गई थी। भारत ने उस मुकाबले में चीनी ताइपे को 3-0 से हराकर पहले ही ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया था।
लक्ष्य सेन के नहीं खेलने के कारण फ्रांस के खिलाफ पहले सिंगल्स मुकाबले में युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी को उतारा गया। फ्रांस की ओर से विश्व के चौथे नंबर के खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव मैदान में थे। बाएं हाथ के इस फ्रांसीसी खिलाड़ी के खिलाफ 6 फीट 4 इंच लंबे आयुष शेट्टी शुरुआत से ही दबाव में नजर आए। हाल के हफ्तों में तेजी से उभरने वाले इस युवा खिलाड़ी ने एशियन चैंपियनशिप में रनर-अप रहकर और विश्व रैंकिंग में 18वें स्थान तक पहुंचकर अपनी पहचान बनाई है और टॉमस कप टीम में अपनी जगह पक्की की है।
ग्रुप स्टेज में लक्ष्य सेन और किदाम्बी श्रीकांत जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा था लेकिन आयुष शेट्टी ने उस दौर में अपराजित रहते हुए प्रभावित किया था। इसी प्रदर्शन के कारण फ्रांस के खिलाफ पहले सिंगल्स में उन्हें मौका दिया गया।
हालांकि इस सेमीफाइनल मुकाबले में आयुष शेट्टी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके और उन्हें 11-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भारत के पास अभी मुकाबले में वापसी का मौका है क्योंकि दूसरे और तीसरे सिंगल्स में क्रमशः किदाम्बी श्रीकांत और एच. एस. प्रणय खेलेंगे। इसके अलावा निर्णायक डबल्स मुकाबले में सात्विक साईराज और चिराग शेट्टी की जोड़ी उतरेगी।
भारत के लिए अभी भी सेमीफाइनल जीतने की उम्मीद बनी हुई है भले ही शुरुआत में झटका लगा हो। दूसरी ओर दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान डेनमार्क का सामना चीन से हो रहा है।