कोलकाताः पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव और पुनः मतदान संपन्न हो चुके हैं। अब सभी को मतगणना का इंतजार है, कल विजेता पार्टी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उससे पहले प्रदेश की सत्तारूढ़ तृणमूल के लिए बुरी खबर आई है। कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त ज्यूडिशियल अधिकारियों को टार्गेट करने के मामले में NIA ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को समन जारी कर दिया है।
पश्चिम बंगाल के मालदह जिले के मोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारियों के कथित उत्पीड़न और बंधक बनाने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं को पूछताछ के लिए तलब किया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, संबंधित नेताओं को आज यानी 3 मई 2026 को कालियाचक थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। बता दें कि इस मामले में अभी तक 52 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जानकारी के मुताबिक, सुजापुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल उम्मीदवार सबीना यास्मिन के चुनाव एजेंट अब्दुल रहमान को भी नोटिस जारी किया गया है। अब्दुल रहमान मालदा जिला परिषद के वन एवं भूमि विभाग में अधीक्षक पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा कालियाचक ब्लॉक-1 के तृणमूल अध्यक्ष मोहम्मद सारिउल को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अधिकारियों ने सभी को आज 3 मई रविवार शाम तक थाने पहुंचने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जिसमें पिछले महीने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत नामों का सत्यापन कर रहे थे। इसी दौरान मोथाबाड़ी में कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और लगभग 9 घंटे तक ‘बंधक’ बनाकर रखा। आरोप है कि इस दौरान अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। बताया जाता है कि जिन लोगों के नाम SIR सूची से हटाए गए थे, उनके एक वर्ग ने इस विरोध प्रदर्शन को अंजाम दिया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर NIA को जांच
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर जांच का जिम्मा NIA को सौंपा था। हालांकि इससे पहले राज्य पुलिस की सीआईडी ने मुख्य आरोपियों में से एक मोफक्करुल इस्लाम को गिरफ्तार किया था, जिसे इस विरोध प्रदर्शन का कथित मास्टरमाइंड बताया गया। अब तक इस मामले में कुल 52 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें से कुछ आरोपी NIA की हिरासत में हैं, जबकि अन्य न्यायिक हिरासत में रखे गए हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि घटना के दिन की परिस्थितियों को लेकर और अधिक जानकारी जुटाने के लिए तृणमूल नेताओं से पूछताछ की जा रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य की 294 विधानसभा सीटों पर 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान संपन्न हो चुका है। अब सभी की निगाहें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। ऐसे में इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।