कोलकाता: पश्चिम बंगाल में वोट गणना प्रक्रिया को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेता और नंदीग्राम व भवानीपुर से भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम मेदिनीपुर के पिंगला और दासपुर विधानसभा क्षेत्रों में ठेका आधारित और अस्थायी कर्मचारियों को वोट काउंटिंग के काम में लगाया जा रहा है।
शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि “जीविका सेवक” और “सहायकों” जैसे अस्थायी कर्मचारियों को मतगणना केंद्रों में जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने इस दावे के समर्थन में कुछ दस्तावेज और नाम भी साझा किए और चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
Is the fate of Democracy being handed over to CONTRACTUAL WORKERS?
— Suvendu Adhikari (@SuvenduWB) May 2, 2026
It is a matter of grave concern and a direct assault on the sanctity of the democratic process. I am appalled to see the Counting Orders issued for 227-Pingla AC and 230-Daspur AC, where a significant number of… pic.twitter.com/IhLc6tIm8u
हालांकि, पिंगला के रिटर्निंग ऑफिसर मोहम्मद जसीमुद्दीन मंडल ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पास ऐसी कोई औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के नए निर्देशों के अनुसार किसी भी अस्थायी कर्मचारी को गणना कार्य में शामिल नहीं किया जाएगा और ऐसे कर्मचारियों को पहले ही हटाया जा रहा है।
इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस के घाटाल संगठनात्मक जिला अध्यक्ष अजीत माइति ने कहा कि यह पूरी तरह चुनाव आयोग का विषय है और पार्टी इस पर कोई टिप्पणी नहीं करेगी।
इस विवाद के बाद पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल और अधिक गर्म हो गया है। भाजपा और टीएमसी दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि वोट गणना प्रक्रिया पूरी तरह आयोग के नियमों के अनुसार ही संपन्न कराई जाएगी।