कोलकाता: पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में सभी बूथों पर दोबारा मतदान कराने के चुनाव आयोग के फैसले के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो गया है। इस निर्णय के बाद राज्य में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। फलता रिपोल को लेकर दोनों दल इसे अपनी-अपनी राजनीतिक जीत या हार से जोड़कर देख रहे हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत भाजपा नेता अमित मालवीय की X पोस्ट से हुई, जिसमें उन्होंने डायमंड हार्बर मॉडल पर सवाल उठाते हुए इसे विफल बताया। इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी “दस जन्मों में भी” उनके डायमंड हार्बर मॉडल को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। अभिषेक ने आगे चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा में हिम्मत है तो वह सीधे चुनावी मैदान में आकर मुकाबला करे, न कि सोशल मीडिया पर राजनीति करे।
Ten lifetimes won't be enough for your Bangla Birodhi Gujarati gang and their stooge Gyanesh Kumar to put even a dent in my DIAMOND HARBOUR MODEL.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) May 2, 2026
Bring everything you have got. I challenge the entire Union of India- Come to Falta. Send your strongest, send one of the https://t.co/Db7yIsQXj7
भाजपा–TMC आमने-सामने, बयानबाजी तेज
भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने फलता में हुए मतदान को लेकर सवाल उठाते हुए इसे चुनावी प्रक्रिया की गंभीर खामी बताया और कहा कि चुनाव आयोग का फैसला सही दिशा में है। वहीं TMC प्रवक्ता अरुप चक्रवर्ती ने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा बिना सबूत के माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है। फलता रिपोल के बाद दोनों दलों के बीच टकराव और तेज हो गया है, और अब सभी की नजरें आगे की चुनावी प्रक्रिया और नतीजों पर टिकी हैं, जो बंगाल की राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।