मुर्शिदाबादः कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान केंद्रीय बलों की सक्रिय मौजूदगी के कारण मतदाताओं ने बिना किसी डर के मतदान किया और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका अर्थ यह नहीं है कि वे भाजपा या चुनाव आयोग के किसी कदम का समर्थन करते हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे अलग मुद्दा बताया।
चौधरी ने राज्य में विपक्षी दलों के साथ कथित व्यवहार पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पहले पंचायत और नगरपालिका चुनावों समेत विभिन्न चुनावों में विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जाता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मौकों पर पुलिस और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता मिलकर विपक्ष को चुनाव प्रक्रिया से दूर रखने का प्रयास करते हैं।
टीएमसी द्वारा मतगणना पर्यवेक्षक से जुड़े मुद्दे पर अदालत जाने की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है, लेकिन सत्तारूढ़ दल को धर्म पर राजनीति नहीं करनी चाहिए।
इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस नेता ने भाजपा पर मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा को हार का अंदेशा है, इसलिए वह अंतिम समय तक चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
तृणमूल नेताओं ने कहा कि भाजपा जानती है कि उसे करारी हार का सामना करना पड़ेगा और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 4 मई (सोमवार) को बड़ी जीत मिलने वाली है, इसलिए वह प्रक्रिया में भ्रम और अनियमितता फैलाने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।