भोपाल : मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए लग्जरी क्रूज हादसे को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। इस हादसे में शनिवार को दो और बच्चों के शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इससे पहले शुक्रवार तक एक बच्चे समेत आठ महिलाओं के शव बरामद किए गए थे।
हादसे के बाद क्रूज चालक महेश पटेल का बयान चर्चा में है। महेश को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं मध्यप्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
महेश पटेल ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि पिछले तीन दिनों से वह न ठीक से खाना खा पा रहे हैं और न ही सो पा रहे हैं। उनके अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के चेहरे लगातार उनकी आंखों के सामने घूम रहे हैं।
जांच का सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि क्या यात्रियों को यात्रा शुरू होने के समय लाइफ जैकेट दी गई थी और क्या सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। महेश का दावा है कि जैसे ही तेज आंधी शुरू हुई उन्होंने क्रूज कर्मचारियों को सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनाने का निर्देश दिया था। उन्होंने बताया कि निचले डेक पर कई लोग नाच रहे थे और कर्मचारी उन्हें बता रहे थे कि यात्री लाइफ जैकेट पहनना नहीं चाहते थे। इसके बाद उन्होंने दोबारा संदेश भेजकर कहा कि मौसम खराब हो रहा है और सभी को लाइफ जैकेट पहननी चाहिए।
हालांकि कुछ यात्रियों ने महेश के दावों को गलत बताया है। उनका कहना है कि यात्रा की शुरुआत में किसी को लाइफ जैकेट नहीं दी गई थी। जैकेट एक जगह रखी हुई थीं और तूफान आने के बाद उन्हें बांटने का काम शुरू किया गया। कुछ यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि क्रूज डूबने के समय महेश सबसे पहले भागने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि चालक ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने यात्रा शुरू होने के समय 3-4 बच्चों की जान भी बचाई थी।
महेश ने मीडिया से कहा कि जब क्रूज खमरिया द्वीप से रवाना हुआ था तब मौसम पूरी तरह साफ था। कुछ दूर जाने के बाद तेज हवाएं चलने लगीं और बांध के पानी में ऊंची लहरें उठने लगीं। उन्होंने दावा किया कि खराब मौसम की कोई चेतावनी उन्हें नहीं दी गई थी।
लेकिन जानकारी के अनुसार उस दिन 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आने का पूर्वानुमान पहले ही जारी किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या यह चेतावनी क्रूज तक नहीं पहुंची थी या फिर चालक गलत जानकारी दे रहे हैं।