नई दिल्लीः देश में एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। ईंधन बाजार में संभावित बदलाव की चर्चाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है, हालांकि सरकार ने फिलहाल कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से इनकार किया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हाल ही में लगभग 994 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके अलावा घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी 40 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि चुनावों के बाद कीमतों में बढ़ोतरी का असर दिखना शुरू हो गया है और आगे पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी की आशंका है।
कह दिया था - चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 1, 2026
आज कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा। एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी। यह चुनावी बिल है।
फरवरी से अब तक: ₹1,380 की बढ़ोतरी - सिर्फ़ 3 महीनों में 81% का इज़ाफ़ा।
चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी, हलवाई - हर किसी की रसोई पर बोझ बढ़ा। और…
वहीं केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आलोचना करने से पहले वैश्विक परिस्थितियों को समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और भारत ने अब तक कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की है।
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी तरह की बढ़ोतरी का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। साथ ही हाल ही में वायरल हुए एक फर्जी नोटिफिकेशन को PIB फैक्ट चेक ने खारिज कर दिया था, जिसमें पेट्रोल की कीमतों में 10 रुपये की बढ़ोतरी का दावा किया गया था।
जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसका असर तेल कंपनियों पर पड़ सकता है। हालांकि इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा या नहीं, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।