कोलकाताः पश्चिम बंगाल में 4 मई को होने वाली विधानसभा मतगणना से पहले राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है। काउंटिंग सेंटरों और ईवीएम (EVM) की सुरक्षा को लेकर सत्ताधारी दल और चुनावी प्रशासन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संभावित गड़बड़ी को लेकर आशंका जताई है, तो दूसरी ओर चुनाव आयोग और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
ममता बनर्जी की आशंका और काउंटिंग सेंटर पर नजर
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर स्थित शेखावत मेमोरियल स्कूल के काउंटिंग सेंटर का दौरा किया और वहां कई घंटे तक मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर ईवीएम (EVM) और मतगणना प्रक्रिया को लेकर संदेह की स्थिति बन रही है। ममता बनर्जी ने साफ कहा कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या छेड़छाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस दौरे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
CEO का सख्त रुख-“गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं”
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज कुमार अग्रवाल ने सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि काउंटिंग सेंटर पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई संभावना नहीं है।
उन्होंने बताया कि सभी स्ट्रॉन्ग रूम को तीन-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है और 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी की जा रही है। उनके अनुसार, बिना किसी ठोस प्रमाण के लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित हो रही है।
TMC की निगरानी तेज, पोस्टल बैलेट पर विशेष नजर
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर उम्मीदवार और कार्यकर्ता सभी काउंटिंग सेंटरों पर लगातार निगरानी रख रहे हैं। विशेष रूप से पोस्टल बैलेट की आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। TMC का कहना है कि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
सुरक्षा कड़ी, आयोग ने आरोपों को किया खारिज
कोलकाता सहित पूरे राज्य में काउंटिंग सेंटरों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। खुदीराम अनुशीलन केंद्र जैसे प्रमुख स्थलों पर अतिरिक्त केंद्रीय अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस की तैनाती की गई है।
इस बीच, TMC द्वारा लगाए गए आरोपों को चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि CCTV फुटेज में दिखी गतिविधियां पोस्टल बैलेट्स को नियमों के अनुसार अलग करने की प्रक्रिया का हिस्सा थीं। आयोग ने यह भी कहा कि स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और मतगणना प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएगी।
स्थिति शांत, लेकिन निगरानी जारी
भवानीपुर और अन्य काउंटिंग सेंटरों पर स्थिति शांत बनी रही। सुरक्षा बल लगातार तैनात हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भले ही तेज हो गई हो, लेकिन प्रशासन और चुनाव आयोग दोनों ही मतगणना को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।