मतदान के दोनों चरण संपन्न हो चुके हैं। अब बाकी मतगणना की है। उससे पहले स्ट्रॉन्ग रुम की सुरक्षा को और भी 'स्ट्रॉन्ग' किया जा रहा है। अब स्ट्रॉन्ग रुम के बाहर 24 घंटे चुनाव आयोग के अधिकारी तैनात रहेंगे। रिटर्निंग ऑफिसर या एसिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा मनोनित कोई अधिकारी स्ट्रॉन्ग रुम की निगरानी करेंगे।
अब तक स्ट्रॉन्ग रुम की निगरानी कि जिम्मेदारी पुलिस अथवा पुलिस के अधिकारियों पर ही होती थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार स्ट्रॉन्ग रुम में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को संबंधित व्यक्ति की अनुमति लेकर ही प्रवेश करना होगा।
अब स्ट्रॉन्ग रुम की सुरक्षा में केंद्रीय बल की त्रिस्तरीय सुरक्षा वलय को तैनात किया गया है। इसके साथ ही स्ट्रॉन्ग रुम में भारतीय न्याय संहिता के 163 धारा भी लागू की गयी है। बताया जाता है कि स्ट्रॉन्ग रुम की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए ही यह कदम उठाया जा रहा है।
Read Also | स्ट्रॉन्गरूम पर खुद पहरा: बारिश के बीच मैदान में उतरीं ममता बनर्जी
मिली जानकारी के अनुसार कोलकाता के 7 स्ट्रॉन्ग रुम के बाहर धारा 163 भी जारी कर दी गयी है। यह धारा 30 अप्रैल से जारी की गयी है जो 4 मई (मतगणना के दिन) तक लागू रहेगी। इसके तहत स्ट्रॉन्ग रुम के 200 मीटर के दायरे में लोग जमा नहीं हो सकेंगे।
गौरतलब है कि गुरुवार की रात को करीब 4 घंटे तक तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी शेखावत मेमोरियल स्कूल में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रुम में थी। उन्होंने स्ट्रॉन्ग रुम की सुरक्षा को लेकर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अगर राज्य पुलिस अपनी जिम्मेदारियों का पालन नहीं कर पाती है तो उनकी गलती होती है। पुलिस अभी उनके हाथों में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टल बैलेट को इधर-उधर किया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर खुदीराम अनुशिलन केंद्र के स्ट्रॉन्ग रुम में संदेहास्पद गतिविधि का आरोप लगाते हुए तृणमूल के दो प्रत्याशियों और एजेंट ने गुरुवार की शाम को खुदीराम अनुशिलन केंद्र के गेट के बाद धरना दिया। उनके धरने की खबर मिलते ही भाजपा प्रत्याशी भड़क उठे और मौके पर तापस राय और संतोष पाठक पहुंच गए।
शुक्रवार की सुबह पुरुलिया जिले के दो मतगणना केंद्र का जायजा लेने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल पहुंचे। वहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पोस्टल बैलेट को नियमानुसार ही एक्सचेंज किया गया है। राजनीतिक पार्टियों को नियमानुसार ही मैसेज भेज दिया गया था।