कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में जहां 142 सीटों पर मतदान हुआ, वहीं पूरे दिन सुर्खियों का केंद्र बना रहा भवानीपुर। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं, जिससे यहां का चुनावी माहौल लगातार गरम रहा।
सुबह से हलचल: ममता का दौरा और आरोप
मतदान शुरू होते ही ममता बनर्जी विभिन्न बूथों का दौरा करती नजर आईं। उन्होंने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने तृणमूल के पोस्टर और बैनर फाड़े जाने की शिकायत भी की।
चेतला इलाके में वह फिरहाद हाकिम के घर के बाहर भी रुकीं और उनसे बातचीत की। बाद में चक्रबेड़िया इलाके में उन्होंने केंद्रीय बलों पर भी हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
आमने-सामने की स्थिति
ममता के आरोपों के कुछ ही देर बाद उसी इलाके में शुभेंदु अधिकारी पहुंच गए। एक समय ऐसा भी आया जब दोनों नेता लगभग आमने-सामने नजर आए। शुभेंदु ने मीडिया से कहा कि ममता को कोई वोट नहीं दे रहा और उन पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया।
उन्होंने मित्रा इंस्टीट्यूशन बूथ का भी दौरा किया, जहां ममता और अभिषेक बनर्जी वोटर हैं, और दावा किया कि वह इस बूथ पर भी जीतेंगे।
दोपहर में बढ़ा तनाव
जैसे-जैसे दिन बढ़ा, भवानीपुर का माहौल और गरम हो गया। कालीघाट इलाके में शुभेंदु अधिकारी के पहुंचते ही तृणमूल समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके जवाब में भाजपा कार्यकर्ता भी मैदान में उतर आए।
स्थिति बिगड़ती देख शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से अतिरिक्त केंद्रीय बल भेजने की मांग की। वहीं तृणमूल ने उन पर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय बलों की दखल
तनाव बढ़ने पर केंद्रीय बलों को हस्तक्षेप करना पड़ा। कुछ जगहों पर लाठीचार्ज के आरोप भी लगे। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी को केंद्रीय बलों के साथ दौड़ते हुए भी देखा गया।
इसी बीच एक वीडियो सामने आया, जिसमें शुभेंदु अधिकारी को तृणमूल के एक कैंप ऑफिस में पानी पीते और कार्यकर्ताओं से बातचीत करते देखा गया।
वोटिंग और दावे
दिन के अंत में ममता बनर्जी ने मतदान किया और दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस दो-तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी, यहां तक कि 200 से ज्यादा सीटें जीतने की बात कही।
दूसरी ओर शुभेंदु अधिकारी ने भी अपनी जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि अगर 80 प्रतिशत मतदान हुआ तो वह जीतेंगे और 90 प्रतिशत होने पर जीत का अंतर और बढ़ेगा।
अब 4 मई का इंतजार
दो चरणों के मतदान के बाद अब सभी की नजर नतीजों पर है। 4 मई को साफ होगा कि भवानीपुर की इस हाई-वोल्टेज लड़ाई में किसके दावे सही साबित होते हैं।