केंद्रीय बल के धक्के से हावड़ा में एक वृद्ध मतदाता की मौत का आरोप सामने आया है। बुधवार को यह घटना उदयनारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के कुरिट गांव के 245 नंबर बूथ पर घटी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतक का नाम पूर्णचंद्र दलुई (80) है। मृतक के परिजन केंद्रीय बल के जवानों के खिलाफ उदयनारायणपुर थाने में शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं।
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया पर केंद्रीय बल को ‘भाजपा की निजी सेना’ बताकर तीखा हमला किया। उन्होंने इस घटना की तुलना शीतलकुची से भी की है। हालांकि केंद्रीय बलों के जवानों पर धक्का देने के आरोप को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वृद्ध होने की वजह से पूर्णचंद्र ठीक से चल-फिर नहीं पाते थे। बुधवार की सुबह वह अपने बेटे तरणी दलुई के साथ वोट डालने गए थे। आरोप है कि केंद्रीय बल के जवानों ने साफ कह दिया कि बूथ के अंदर पूर्णचंद्र को अकेले ही जाना होगा, तरणी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई और काफी देर तक कहासुनी होती रही।
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आखिरकार किसी तरह पूर्णचंद्र अकेले ही बूथ के अंदर गए और उनका बेटा बाहर ही इंतजार करता रहा। वोट देकर बाहर निकलते समय पूर्णचंद्र की तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप है कि तब तरणी ने फिर से जवानों से अनुरोध किया कि उसे अंदर जाने दिया जाए ताकि वह अपने पिता को बाहर ला सके।
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— Samachar Ei Samay (@Samachareisamay) April 29, 2026
लेकिन केंद्रीय बल के जवानों ने उसकी बात को मानने से इनकार कर दिया। आरोप है कि वे बूथ के अंदर जाकर पूर्णचंद्र को जल्दी बाहर आने के लिए दबाव बनाने लगे। इस बीच बूथ के बाहर भीड़ बढ़ने लगी थी। इसी दौरान एक जवान पर पूर्णचंद्र को धक्का देने का आरोप लगाया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि वर्षीय वृद्ध अपना संतुलन नहीं संभाल सके और मुंह के बल गिर पड़े जिसके बाद वे बेहोश हो गए।
दावा किया जाता है कि आसपास के लोग पूर्णचंद्र को पानी का छिंटा मारने लगे लेकिन जब उन्हें होश नहीं आया तो आमता ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक रूप से माना जा रहा है कि गिरने के बाद उन्हें हार्ट अटैक आया, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस घटना को लेकर मृतक के बेटे तरणी दलुई ने केंद्रीय बलों के खिलाफ नाराजगी जताई है। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि हम तीन बार वोट देने गए थे, लेकिन हर बार मुझे बूथ के अंदर जाने नहीं दिया गया। आखिर में पिता अकेले ही गए। लेकिन कभी नहीं सोचा था कि ऐसा अंजाम होगा। वोट देने जाना ही हमारे लिए काल बन गया।
अभिषेक बनर्जी का तीखा हमला
इस घटना को लेकर अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। इस घटना की तुलना 2021 के शीतलकुची गोलीकांड से करते हुए अभिषेक बनर्जी ने X पर लिखा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन काम करने वाली केंद्रीय सुरक्षा बल अब 'भाजपा की निजी सेना' में बदल गई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल के लोगों के खिलाफ लाइसेंस प्राप्त गुंडों को छोड़ दिया गया है।
Central Forces under Amit Shah have become BJPs PRIVATE ARMY- A gang of licensed thugs unleashed on the people of Bengal.
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) April 29, 2026
In Udaynarayanpur, an elderly man went to cast his vote with his son. Too frail to walk unaided, his son tried to help him into the booth. Central Forces pic.twitter.com/kRty6YdCUq
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल सुबह से ही आम लोगों को डराने-धमकाने में लगे हैं। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को थप्पड़ मारा जा रहा है, बुजुर्गों के साथ मारपीट हो रही है और यहां तक कि बच्चों पर भी हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को 2021 के शीतलकुची जैसी 'निर्मम और ठंडे दिमाग से की गई हिंसा' बताया जहां निहत्थे आम लोगों पर अत्याचार हुआ था।
शीतलकुची गोलीकांड का संदर्भ देते हुए अभिषेक बनर्जी ने कड़ा बयान देते हुए कहा कि 2021 में केंद्रीय बलों की गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हुई थी और उन निर्दोष लोगों के हत्या की कीमत भाजपा को चुकानी पड़ी थी। आगे उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि 2026 में उससे भी बड़ी कीमत चुकानी होगी।
उन्होंने केंद्रीय बलों को जल्लाद करार देते हुए कहा कि वे किसी भी राज्य से आए हो या किसी भी राजनीतिक संरक्षण में हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने दावा किया कि इस बर्बरता में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उसे कानून के सामने लाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के पतन के साथ ही आतंक का राज खत्म होगा।
चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज
हालांकि इन आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है। उदयनारायणपुर के जनरल ऑब्जर्वर कन्हैयालाल स्वामी ने कहा कि पूर्णचंद्र दलुई बूथ के अंदर ही अचानक बीमार होकर गिर पड़े थे और उस समय उनका बेटा भी बूथ के भीतर मौजूद था। उन्होंने बताया कि तुरंत उन्हें अमता अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद ऑब्जर्वर खुद 245 नंबर बूथ पर पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के बावजूद वहां मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से जारी रही।