कोलकाताः पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में डायमंड हार्बर जिले के फलता में चुनाव का दिन दो अलग-अलग तस्वीरें लेकर सामने आया। एक ओर ‘सिंघम’ के नाम से चर्चित आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा पूरे दिन सड़कों पर सक्रिय रहे, वहीं ‘पुष्पा’ कहे जाने वाले तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खान ज्यादातर समय पार्टी कार्यालय में ही रहे।
सिंघम की रणनीति: मैदान में मौजूदगी
सुबह मतदान शुरू होते ही अजय पाल शर्मा केंद्रीय बलों के साथ पायलान से निकले और विभिन्न इलाकों का दौरा किया। उन्होंने सीआरपीएफ अधिकारियों के साथ बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासन के अनुसार उनका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना था, इसलिए उनकी सक्रियता ज्यादा रणनीतिक रही, न कि आक्रामक।
दिन के दौरान वह कई इलाकों में गए और केंद्रीय बलों के कैंप में भी बैठक की। एक मौके पर दो स्थानीय मतदाताओं की शिकायत पर उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षा के साथ घर पहुंचाया।
‘पुष्पा’ का तरीका: दफ्तर से संचालन
दूसरी ओर जहांगीर खान ने पूरा दिन अपने पार्टी कार्यालय में बिताया। उनके करीबी सूत्रों के मुताबिक, यह उनका सामान्य चुनावी तरीका है-मैदान में घूमने के बजाय एक जगह से चुनाव संचालन करना।
शाम के समय वह मतदान करने पहुंचे और इसके बाद मीडिया से बातचीत में केंद्रीय बलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि आम लोगों पर अनावश्यक बल प्रयोग किया गया और चुनाव आयोग ने फलता के मतदाताओं के साथ अन्याय किया।
टकराव की पृष्ठभूमि
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत कुछ दिन पहले हुई थी, जब अजय पाल शर्मा पर जहांगीर खान के घर जाकर चेतावनी देने का आरोप लगा था। एक वीडियो भी सामने आया था, हालांकि उसकी पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
जहांगीर खान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर शर्मा ‘सिंघम’ हैं तो वह ‘पुष्पा’ हैं और झुकने वाले नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाताओं को डराने की कोशिश की जा रही है।
चुनाव के बीच विवाद
मतदान के दिन फलता से कुछ छिटपुट अशांति की खबरें भी सामने आईं। एक बूथ पर ईवीएम में छेड़छाड़ का आरोप लगा, जिसमें एक पार्टी के चुनाव चिन्ह के पास टेप लगाए जाने की बात कही गई।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जहां भी ऐसी शिकायतें मिली हैं, वहां पुनर्मतदान कराया जाएगा। हालांकि जहांगीर खान ने इन आरोपों को विपक्ष की साजिश बताया।
शांतिपूर्ण मतदान के बीच सियासी गर्मी
फलता में मतदान भले ही बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण रहा हो, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रशासनिक सक्रियता ने इसे खासा चर्चित बना दिया। एक तरफ ‘सिंघम’ की सख्ती दिखी, तो दूसरी तरफ ‘पुष्पा’ की राजनीतिक चुनौती-दोनों ने इस चुनावी दिन को यादगार बना दिया।