पहले चरण के मतदान की धारा को जारी रखते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में भी 90% से अधिक मतदान हुआ। SIR के बाद भले ही राज्य के कुल मतदाताओं की संख्या घटी हो लेकर मतदान करने वाले लोगों की संख्या में इजाफा दर्ज हुआ है।
विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों में ही बड़ी संख्या में मतदाताओं ने बूथ पर जाकर मतदान किया है जिसकी वजह से ही दावा किया जा रहा है कि आजादी के बाद पहली बार इतनी भारी संख्या में बंगाल में मतदान हुआ है।
विधानसभा चुनाव के पहले चरण में करीब 93% मतदान हुआ था। वहीं दूसरे चरण में 92% मतदान हुआ है। दावा किया जा रहा है कि सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि देश के सभी विधानसभा चुनावों और अन्य मतदानों में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में सर्वोच्य मतदान हुआ है। देशभर में यह रिकॉर्ड है।
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आनंदबाजार की मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के हवाले से दावा किया है कि वर्ष 2021 की तुलना में पश्चिम बंगाल में इस बार मतदाताओं की संख्या करीब 51 लाख कम थी लेकिन पिछली बार की तुलना में इस बार 30 लाख से अधिक मतदान हुआ है। चुनाव आयोग के मुताबिक बंगाल विधानसभा के दोनों चरणों को मिलाकर 92.93 प्रतिशत मतदान हुआ।
आंकड़ों से स्पष्ट है कि इससे पहले के चुनावों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी होते थे जो विभिन्न कारणों से वोट नहीं देते थे। ऐसे लोगों ने भी इस बार मतदान किया है जिस वजह से ही मतदान के प्रतिशत ने नया रिकॉर्ड बनाया। राजनैतिक विशेषज्ञों का भी मानना है कि इतनी संख्या में मतदान का असर चुनाव के परिणामों पर भी देखने को मिलेगा।
पिछली बार की तुलना में जिन 30 लाख अधिक लोगों ने इस बार मतदान किया है उनमें से करीब 21 लाख प्रथम मतदाता बताए जाते हैं। ऐसे में सिर्फ राजनीतिक पार्टियां ही नहीं बल्कि 4 मई का इंतजार प्रत्येक मतदाता बेसब्री से कर रहा है जब मतगणना के बाद यह तस्वीर सामने होगी कि राज्य में रिकॉर्ड मतदान के बाद आखिर सत्ता की बागडोर किसके हाथों में जा रही है!