नई दिल्लीः पश्चिम बंगाल और तमिल नाडु (Tamil Nadu) समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया खत्म होते ही भाजपा ने अब संगठन को मजबूत करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) जल्द ही कोर कमेटी, पार्लियामेंटरी बोर्ड, राष्ट्रीय कार्यसमिति और केंद्रीय चुनाव समिति के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू करने वाले हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार संगठन में महिला भागीदारी को बड़ा स्थान देने की योजना है। प्रस्ताव है कि कुल पदों में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी महिला नेताओं को दी जाए। इसके लिए सभी राज्यों से संभावित महिला चेहरों के नाम मांगे गए हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों पर विशेष नजर है।
नई समितियों का मुख्य उद्देश्य अगले दस वर्षों के लिए पार्टी की रणनीति तय करना होगा। राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्यों को इस प्रक्रिया में प्राथमिकता मिलने की संभावना है, ताकि जमीनी स्तर पर संगठन को और मजबूत किया जा सके।
इस बार का सबसे अहम फोकस युवा नेतृत्व पर है। पार्टी ने राज्यों से 45 से 50 वर्ष आयु वर्ग के उभरते और सक्रिय नेताओं की सूची मांगी है। भाजपा के अंदर यह समझ बनी है कि भविष्य में नेतृत्व का संकट न हो, इसके लिए अभी से नई पीढ़ी को जिम्मेदारी देनी जरूरी है। साथ ही अनुभवी और नए नेताओं के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि 45 वर्ष की उम्र में अध्यक्ष बने नितिन नवीन की नियुक्ति के समय अनुभव को लेकर सवाल उठे थे। हालांकि नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा सार्वजनिक समर्थन मिलने के बाद स्थिति साफ हो गई थी और उनके नेतृत्व को पूरी तरह स्वीकार कर लिया गया।
अब राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है कि नई राष्ट्रीय कार्यसमिति में किन चेहरों को जगह मिलेगी। माना जा रहा है कि करीब 120 सदस्यों वाली इस समिति में राज्यों के प्रतिनिधित्व, महिलाओं और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्गों को विशेष महत्व दिया जाएगा।