नई दिल्लीः दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को अंतरिम जमानत मिल गई है। दिलचस्प बात यह रही कि इंफोर्समेंट डायरेक्टरेट (Enforcement Directorate) ने उनकी जमानत याचिका का विरोध नहीं किया, जिससे अदालत का फैसला आसान हो गया।
यह मामला वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कर रही है। 24 मार्च को दर्ज इस केस में चंदेल पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए। जांच एजेंसियों का आरोप है कि आई-पैक (I-PAC) ने विभिन्न कंपनियों से नकद लेन-देन किया, जो नियमों के खिलाफ है।
जांच के दौरान 2 अप्रैल को ईडी (ED) ने दिल्ली और बेंगलुरु में कई जगहों पर छापेमारी की। चंदेल के घर के अलावा कंपनी से जुड़े अन्य अधिकारियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। इससे पहले 8 जनवरी को कोलकाता स्थित आई-पैक (I-PAC) के दफ्तर में भी छापा पड़ा था।
13 अप्रैल को चंदेल को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। उसी दिन उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शेफाली बरनाला टंडन ने उन्हें 10 दिनों की ईडी हिरासत में भेजा। हिरासत खत्म होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में रखा गया था।
इस बीच चंदेल ने जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान ईडी ने उनकी याचिका का विरोध नहीं किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें अंतरिम जमानत दे दी। घटनाक्रम का समय भी चर्चा में है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में मतदान खत्म होने के अगले ही दिन यह राहत मिली है, जिससे इस मामले को लेकर सियासी हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।