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वाराणसी महिला सम्मेलन में पीएम मोदी ने महिलाओं की भूमिका को बताया निर्णायक

नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और अधिकार सुनिश्चित करने पर जोर

By डॉ. अभिज्ञात

Apr 28, 2026 20:01 IST

वाराणसी (उत्तर प्रदेश) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों में हमेशा महिलाओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और ‘नारी शक्ति’ ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है।

मंगलवार को वाराणसी में आयोजित महिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने का अभियान लगातार जारी है और इस लक्ष्य को हासिल करने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़े।

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले के समय में बेटियों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल था, लेकिन अब माहौल बदला है और महिलाओं के खिलाफ गलत सोच रखने वालों को परिणाम का अंदाजा है। उन्होंने बताया कि भारतीय न्याय संहिता ने महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत किया है। महिलाओं के खिलाफ गंभीर अपराधों के मामलों में अब तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। साथ ही महिला थानों और काउंसलिंग केंद्रों का नेटवर्क लगातार बढ़ाया जा रहा है। वाराणसी में एक नए महिला थाने और परामर्श केंद्र के निर्माण की शुरुआत भी इसी दिशा में कदम है।

मोदी ने लगभग 6350 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये कार्यक्रम नारी शक्ति और विकास दोनों का उत्सव है। इन परियोजनाओं में काशी के समग्र विकास के साथ-साथ काशी और अयोध्या के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के काम भी शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि हाल ही में काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई के लिए दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई है, जिससे उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच संपर्क और बेहतर होगा। वे इस कार्यक्रम में देश के हित में एक बड़े लक्ष्य के लिए महिलाओं का आशीर्वाद लेने आए हैं, जो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण दिलाने से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों के कारण यह प्रयास अभी सफल नहीं हो सका, लेकिन वे इसे लागू कराने के लिए लगातार प्रयास करेंगे।

उन्होंने बताया कि नए संसद भवन के निर्माण के बाद महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में कदम उठाया गया और 2023 में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दलों ने लंबे समय तक महिलाओं के आरक्षण को रोके रखा और अब भी इसमें बाधाएं डाल रहे हैं। वाराणसी में शुरू किए गए सुकन्या समृद्धि योजना अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि एक महीने में 27 हजार बालिकाओं के खाते खोले गए और प्रत्येक के खाते में 300 रुपये जमा किए गए। उन्होंने कहा कि यह योजना बेटियों की शिक्षा और भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रही है, जबकि मुद्रा योजना से उनकी आय बढ़ाने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि पहली बार बड़ी संख्या में संपत्तियां महिलाओं के नाम पर दर्ज की गई हैं और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने अधिकतर घर भी महिलाओं के नाम हैं, जिससे उन्हें वास्तविक स्वामित्व का अधिकार मिला है। जब घर में महिलाओं को सशक्त किया जाता है तो पूरा परिवार, समाज और देश मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को कई तरह की सामाजिक बाधाओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं।

अपने गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ‘शाला प्रवेशोत्सव’ और ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवाणी निधि योजना’ जैसी पहल शुरू की गई थीं। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से महिलाओं के कल्याण को और मजबूती से आगे बढ़ाया गया और देशभर में 12 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए, जिससे महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया।

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