राघव चड्ढ़ा के 7 राज्यसभा सांसदों समेत आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाने के बाद सोमवार को राज्यसभा में सीटों के बंटवारे में बड़ा बदलाव नजर आया है।
राज्यसभा में अब आप के 3 सांसद घट गए और भाजपा के सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गयी है। इससे पहले तक ऊपरी सदन में आप के सदस्यों की संख्या 10 और भाजपा के 106 सांसद सदस्य हुआ करते थे।
रद्द नहीं हुई सदस्यता
राघव चड्ढ़ा समेत 6 अन्य राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की वजह से ही उनकी सदस्यता रद्द नहीं की गयी है। अगर राघव ने अपने साथ 6 से कम सांसदों को मिलाया होता तो उनकी राज्यभा सांसद पद को रद्द कर दिया जाता। संविधान की 91वें संशोध (2003) के तहत अगर दो-तिहाई सांसदों ने पार्टी बदला हो तो उसे 'बदलना' नहीं बल्कि 'विलय' कहा जाएगा। ऐसी स्थिति में सांसद पद बरकरार रहता है।
राज्यसभा में अब NDA का समीकरण
IndianExpress की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी जानकारी के अनुसार अब राज्यसभा में NDA के कुल 148 सांसद हैं। इसमें भाजपा से 113, टीडीपी से 2, जदयू से 4, शिव सेना से 2, आरएलडी से 1, जेडी (एस) से 1, एजीपी से 1, एनसीपी से 4, एआईएडीएमके से 5, आरपीआई (अठावले) से 1, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी) से 1 और यूनाइटेड पिपल्स पार्टी (लिबरल) से 2 सांसद शामिल हैं। बता दें, राज्यसभा में कुल सांसदों की वर्तमान संख्या 245 है।
गौरतलब है कि 3 दिनों पहले ही आप के 7 सांसदों, राघव चड्ढ़ा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाती मालीवाल और राजिंदर गुप्ता भाजपा में शामिल हो गए। इससे पहले 16 से 18 अप्रैल के बीच राज्य सभा के विशेष सत्र के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितीन नबीन ने राज्यसभा सांसद का शपथ ग्रहण किया।
वहीं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार भी हाल ही में राज्यसभा सांसद चुने गए और उन्होंने अपनी सदस्यता का शपथ ग्रहण भी कर लिया है।