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मिताली बाग पर हमले के खिलाफ अभिषेक बनर्जी की चेतावनी, "किस जल्लाद में है कितनी हिम्मत?"

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जो लोग इस घटना से जुड़े हुए हैं, उस इलाके का सीसीटीवी कैमरे से उन्हें चुन-चुनकर ढूंढ निकालूंगा।

By Moumita Bhattacharya

Apr 27, 2026 18:03 IST

आरामबाग में तृणमूल कांग्रेस सांसद मिताली बाग पर हमले की घटना की तीव्र निंदा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने की। सोमवार की दोपहर को आरामबाग में उन्होंने एक रोड शो किया। रोड शोर से पहले आरामबाग मेडिकल कॉलेज में वह मिताली बाग से मिलने गए।

रोड शो के बाद पथसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग इस घटना से जुड़े हुए हैं, उस इलाके का सीसीटीवी कैमरे से उन्हें चुन-चुनकर ढूंढ निकालूंगा।

उन्होंने कहा कि एक एससी महिला, अनुसूचित जाति की महिला पर जिसने हाथ उठाया है, 4 तारीख को हम आरामबाग जीत जाएं या हार जाएं...हम पिछली बार गोघाट, खानाकुल, पुरसुड़ा, आरामबाग में हार गए थे। हमारी उदारता की वजह से बच गए थे। इस बार मैं खुद जिम्मेदारी लूंगा। 4 तारीख को 12 बजे के बाद किस जल्लाद की कितनी हिम्मत, किसके दिल्ली का पिता उसे बचाने आता है, मैं देखूंगा।

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दूसरे चरण के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन उन्होंने धनियाखाली और हरिणघाटा में भी सभा को संबोधित किया था। वहां से उन्हें आरामबाग जाना था लेकिन बीच रास्ते में ही उन्हें मिताली बाग पर हमले की जानकारी मिली। अभिषेक बनर्जी ने दावा करते हुए कहा कि पुराने सीपीएम कार्यकर्ताओं ने ही वर्तमान में भाजपा की जर्सी में इस घटना को अंजाम दिया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मैं तृणमूल के समर्थन में यहां वोट मांगने नहीं आया हूं।

सिर्फ आरामबागवासियों से यहीं कहूंगा कि 11 साल पहले आरामबाग को जो आजादी मिली थी, उसे याद रखकर 29 तारीख को मतदान करें। 2001, 2004, 2006 के विधानसभा चुनाव, 2008 के पंचायत चुनाव में सीपीएम के जिन कार्यकर्ताओं को आपलोगों ने पराधीन बनाकर रखा था उसे आप अच्छी तरह से जानते हैं। आज सीपीएम के वहीं कार्यकर्ता जर्सी बदलकर कमल का दामन थाम रहे हैं। सीपीएम के कार्यकर्ता ही भाजपा के जल्लाद बन गए हैं।

चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने सीपीएम जमाने की याद भी दिलायी। उन्होंने कहा कि जो लोग सीपीएम के काले दिनों को आरामबाग की भूमि पर वापस लौटा कर लाना चाहते हैं, लोग वोट देना तो दूर की बात है, किसके तालाब में कितनी मछलियां रहेंगी इसका फतवा तक जारी किया जाता था।

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आज अनिल बसु का बेटा सौम्य बसु सीपीएम नेता थे। शमीक भट्टाचार्य ने उन्हें भाजपा में शामिल करवाया है। आरामबाग के लोग क्या इसे स्वीकार कर लेंगे? तृणमूल के नहीं होने पर कोई विकास नहीं होगा, विकास यहीं ठहर जाएगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इस सीट पर अपना कब्जा जमाया था। मधुसूदन बाग विधायक चुने गए थे। इस बार भाजपा ने यहां से हेमंत बाग को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं तृणमूल ने मीता बाग को चुनाव में प्रत्याशी बनाया है। मीता बाग की प्रशंसा करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यहां एक ऐसे व्यक्ति को पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है जो जमीन से जुड़ी हुई हैं।

मीता बाग कैसे अपना जीवन बिताती हैं, आप सबको पता है। वह हमेशा लोगों के लिए काम करती हैं। हम किसी और को भी प्रत्याशी बना सकते थे लेकिन मीता बाग को ही क्यों बनाया? आरामबाग में तृणमूल जीतेगी इसमें कोई शक नहीं है लेकिन आम लोगों को सभी सेवाएं मिले इसे भी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी हमारी है।

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