कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है और इसी माहौल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने अपनी पार्टी की जीत को लेकर बड़ा और स्पष्ट दावा किया है। उन्होंने कहा कि “मां-माटी-मानुष” की जीत अब किसी भविष्यवाणी का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह केवल समय का सवाल है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में ममता बनर्जी ने हाल ही में आयोजित पदयात्राओं और जनसभाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आम लोगों का उत्साह, स्नेह और भावनात्मक जुड़ाव उन्हें गहराई से प्रभावित कर गया है। उन्होंने कहा कि यह समर्थन अचानक नहीं, बल्कि वर्षों से जनता के साथ खड़े रहने और हर चुनौती में साथ निभाने का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि यह भूमि सदियों से सौहार्द, संस्कृति और सभ्यतागत गौरव की मिसाल रही है। ऐसे में उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ शक्तियां राज्य की विरासत को नुकसान पहुंचाने और सत्ता के लिए समाज को बांटने की कोशिश कर रही हैं।
ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की जनता ऐसी “विभाजनकारी और विनाशकारी ताकतों” को स्वीकार नहीं करेगी और उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी। उन्होंने भरोसा जताया कि राज्य के लोग एकजुट होकर शांति, विकास और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के पक्ष में मतदान करेंगे।
अपने शासनकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार की विकास योजनाओं का असर राज्य के हर हिस्से में देखा जा सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कोई भी दुर्भावनापूर्ण ताकत इस प्रगति की रफ्तार को रोक नहीं सकती। उनके मुताबिक, जनकल्याणकारी योजनाएं ही राज्य के नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम कर रही हैं।
दूसरे चरण के मतदान से पहले ममता बनर्जी ने मतदाताओं से खास अपील भी की। उन्होंने कहा कि बंगाल की भाषा, संस्कृति और गौरवशाली परंपरा की रक्षा के लिए सभी नागरिक 29 अप्रैल को “जोराफूल” चुनाव चिन्ह पर वोट करें और “मां-माटी-मानुष” के उम्मीदवारों को विजयी बनाएं।
उधर, राज्य में चुनावी माहौल अपने चरम पर है। पहले चरण में रिकॉर्ड 93.2 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसने सभी राजनीतिक दलों के दावों को और तेज कर दिया है। अब सभी की नजर दूसरे चरण के मतदान पर टिकी है, जो 29 अप्रैल को होने वाला है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। इस बीच, चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) भी राज्य में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करने वाले हैं, जिससे सियासी पारा और चढ़ गया है।