कोलकाताः बंगाल में दूसरे चरण के मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। पहले चरण में सामने आई कुछ व्यवस्थागत कमियों के बाद आयोग ने इस बार निगरानी को कई गुना बढ़ाने का फैसला लिया है।
दूसरे चरण में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब केवल बूथ और उसके आसपास ही नहीं, बल्कि बूथ तक जाने वाली सभी प्रमुख सड़कों पर भी सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। आयोग का मानना है कि इससे मतदान केंद्रों तक पहुंचने वाली हर गतिविधि पर नजर रखना आसान होगा और किसी भी तरह की गड़बड़ी को पहले ही रोका जा सकेगा। यह व्यवस्था खासकर घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लागू की जा रही है। फिलहाल कोलकाता और हावड़ा जिलों को प्राथमिकता दी गई है।
इसके साथ ही सुरक्षा बलों की निगरानी को और मजबूत करने के लिए बॉडी कैमरों का इस्तेमाल भी बड़े पैमाने पर किया जाएगा। पहले चरण की तुलना में इस बार अधिक संख्या में बॉडी कैम तैनात किए जाएंगे, जिन्हें मुख्य रूप से केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान इस्तेमाल करेंगे। इससे मतदान प्रक्रिया की लाइव निगरानी और रिकॉर्डिंग संभव हो सकेगी।
संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय कैमरा व्यवस्था लागू की गई है। इन बूथों के अंदर दो कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि बाहर एक कैमरा लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निगरानी योग्य बनाना है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
इसके अलावा सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों में ड्रोन के जरिए हवाई निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। ड्रोन की मदद से मतदान केंद्रों के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत चिन्हित किया जा सके।
चुनाव आयोग का कहना है कि इन सभी कदमों का मकसद मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है। तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था के इस संयुक्त उपयोग से दूसरे चरण के मतदान में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हिंसा को रोकने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।