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डिजिटल युग में पढ़ने की आदत पर जोर, विश्व पुस्तक दिवस पर कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

कोलकाता के कॉलेज में पुस्तकों के महत्व पर विशेष कार्यक्रम, साहित्यकारों ने साझा किए अपने अनुभव।

By रजनीश प्रसाद

Apr 25, 2026 18:31 IST

कोलकाता : महाराजा श्रीशचंद्र कॉलेज में विश्व पुस्तक दिवस के अवसर पर एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के आईक्यूएसी (IQAC) और लाइब्रेरी विभाग के संयुक्त प्रयास से किया गया। आयोजन का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के बीच पुस्तकों के महत्व को बढ़ावा देना और साहित्य के प्रति रुचि जागृत करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अमित मजूमदार के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने अपने संबोधन में पुस्तकों की उपयोगिता और समाज के निर्माण में साहित्य की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने जीवन से जुड़े पढ़ने के अनुभव भी साझा किए जिससे उपस्थित लोग प्रेरित हुए।

इसके बाद वरिष्ठ लाइब्रेरियन डॉ. असीम कुमार दास ने विश्व पुस्तक दिवस के इतिहास और महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं हैं बल्कि वे जीवन को दिशा देने का माध्यम भी हैं।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण साहित्यिक पाठ सत्र रहा जिसमें विभिन्न विधाओं की रचनाएं प्रस्तुत की गईं। प्रोफेसर कुंतल मित्र ने अपनी लघु कथाएं ‘करेंच’ और ‘उपकथा’ का पाठ किया जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। वहीं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कार्तिक चौधरी ने जूट मिल के मजदूरों के संघर्ष पर आधारित अपने आगामी उपन्यास का अंश पढ़ा। उनकी प्रस्तुति ने औद्योगिक जीवन की सच्चाइयों को प्रभावशाली ढंग से सामने रखा।

इसी क्रम में डॉ. तिलक नस्कर ने भी अपनी मौलिक रचनाओं का पाठ किया और कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया। आईक्यूएसी समन्वयक और बंगला विभागाध्यक्ष डॉ. कौशिक घोष ने डिजिटल युग में पुस्तकों के बदलते स्वरूप पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज के समय में पढ़ने की आदत में बदलाव आया है लेकिन संस्कृति और ज्ञान से जुड़े रहने के लिए पुस्तकों से जुड़ाव बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अभिजीत चक्रवर्ती ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के कई छात्र-छात्राएं और शिक्षक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। यह आयोजन न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणादायक रहा बल्कि पुस्तकों के महत्व को भी एक बार फिर रेखांकित किया।

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