लिस्बन : 41 वर्ष की उम्र में भी सिक्स-पैक एब्स कैसे बरकरार रहते हैं इसे लेकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के प्रशंसकों की दिलचस्पी कम नहीं होती। उनकी फिटनेस दिनचर्या और खानपान को लेकर हमेशा चर्चा बनी रहती है। इस बार उनके पूर्व निजी शेफ जियोर्जियो बारोने ने उनके डाइट प्लान से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं का खुलासा किया है।
एक पत्रिका को दिए गए साक्षात्कार में बारोने ने बताया कि रोनाल्डो एक ऐसी आम पेय चीज से पूरी तरह दूरी बनाकर रखते हैं जिसे ज्यादातर लोग अपने दैनिक आहार का हिस्सा मानते हैं-दूध। इस जानकारी के सामने आने के बाद उनके युवा प्रशंसकों के बीच यह बात चर्चा का विषय बन गई है।
बारोने के अनुसार रोनाल्डो बिल्कुल भी दूध नहीं पीते। इसके पीछे उनका तर्क भी अलग है। बारोने ने बताया की इंसान ही एकमात्र जीव है जो दूसरे जीवों का दूध पीता है। बाकी सभी जीव कुछ महीनों बाद दूध छोड़ देते हैं और दूसरे जीवों का दूध तो बिल्कुल नहीं लेते।
हाल ही में इंस्टाग्राम पर रोनाल्डो ने अपनी फिटनेस को लेकर कहा था कि लंबे समय तक उच्च स्तर पर प्रदर्शन करना कोई संयोग नहीं होता। यह रोज़ की रिकवरी और अनुशासन का नतीजा है। उन्होंने कहा की इसमें कोई जादू नहीं है आपको एक तय रूटीन का पालन करना पड़ता है।
अपने इसी अनुशासन के तहत रोनाल्डो का डाइट प्लान बेहद सख्त और संतुलित है। उनके पूर्व शेफ बारोने ने सुबह से रात तक के भोजन की पूरी जानकारी साझा की। उनके अनुसार रोनाल्डो दिन की शुरुआत एवोकाडो, कॉफी और अंडों से करते हैं। खास बात यह है कि वे किसी भी चीज के साथ चीनी का सेवन नहीं करते।
दोपहर के भोजन में वे चिकन और मछली के साथ सब्जियां लेते हैं। वे अलग से कार्बोहाइड्रेट नहीं खाते बल्कि शरीर की जरूरत के मुताबिक कार्बोहाइड्रेट सब्जियों से ही प्राप्त करते हैं। वे मैदा से बनी चीजों से पूरी तरह दूर रहते हैं-न पास्ता, न ब्रेड।
शाम के भोजन में आमतौर पर मछली या मांस का फिले होता है जिसके साथ सब्जियां अनिवार्य रूप से शामिल होती हैं। बारोने ने यह भी बताया कि रोनाल्डो को हाई-प्रोटीन और लो-फैट वाला भोजन पसंद है। वे किनोआ और ताजे फलों को भी अपने आहार में शामिल करते हैं। उनका पसंदीदा व्यंजन ग्रिल्ड कॉड माना जाता है।
इस सख्त डाइट और नियमित व्यायाम की बदौलत रोनाल्डो ने अपने शरीर में फैट का स्तर लगभग 7 प्रतिशत तक बनाए रखा है। तुलना करें तो प्रीमियर लीग के खिलाड़ियों में आमतौर पर बॉडी फैट 8 से 12 प्रतिशत के बीच होता है।