नई दिल्ली/कोलकाताःभारत निर्वाचन आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने में चूक और गंभीर कदाचार के आरोपों पर पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर क्षेत्र के पाँच पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है, साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू की गई है।
आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए आधिकारिक पत्र में तत्काल प्रभाव से जिन अधिकारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए, उनमें संदीप गराई (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डायमंड हार्बर), साजल मंडल (एसडीपीओ, डायमंड हार्बर), मौसम चक्रवर्ती (निरीक्षक-प्रभारी, डायमंड हार्बर थाना), अजय बाग (निरीक्षक-प्रभारी, फलता थाना) और शुभेच्छा बाग (अधिकारी-प्रभारी, उस्ती थाना) शामिल हैं।
आयोग ने इस कार्रवाई के पीछे “गंभीर कदाचार और निष्पक्षता बनाए रखने में विफलता” को प्रमुख कारण बताया है। इन सभी अधिकारियों के विरुद्ध औपचारिक अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
इसके अतिरिक्त आयोग ने डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक इशानी पाल को भी चेतावनी जारी की है। उन पर आरोप है कि वे संवेदनशील चुनावी मामलों में अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में असफल रहीं। आयोग ने निर्देश दिया है कि यह पूरी कार्रवाई तुरंत लागू की जाए और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को जानकारी दी थी कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में सर्वाधिक मतदान दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी सराहनीय है।
गुरुवार शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने के बाद उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 91.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो काफी अधिक माना जा रहा है।
राज्य के कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। दक्षिण दिनाजपुर में सबसे अधिक 94.85 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, इसके बाद कूचबिहार (94.54%), बीरभूम (93.70%), जलपाईगुड़ी (93.23%) और मुर्शिदाबाद (92.93%) का स्थान रहा। ये आँकड़े राज्य भर में व्यापक और उत्साहपूर्ण मतदाता भागीदारी को दर्शाते हैं। पश्चिम बंगाल की शेष 142 सीटों पर 29 मई को मतदान प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 4 मई को की जाएगी।