नयी दिल्लीः राजधानी की राजनीतिक घटनाक्रम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन राज्यसभा सांसदों ने पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से AAP से नाता तोड़कर BJP का दामन थाम लिया।
तीनों नेताओं को दिल्ली स्थित BJP मुख्यालय में पार्टी में शामिल कराया गया, जहां नितिन नबीन की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी हुई। इस मौके पर उनका स्वागत मिठाई खिलाकर किया गया। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और इसे AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
वहीं, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने BJP पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र की सत्ता में बैठी पार्टी ने एक बार फिर पंजाब के लोगों के साथ “धोखा” किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि BJP ने “पंजाबियों के साथ धक्का” किया है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब इन तीनों सांसदों ने दावा किया कि राज्यसभा में AAP के 10 में से 7 सांसद BJP में विलय कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय संविधान के प्रावधानों के तहत लिया गया है और इसे औपचारिक रूप से राज्यसभा सभापति को सौंप दिया गया है।
राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि AAP अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक चुकी है और पार्टी व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उन्हें महसूस हो रहा था कि वे “गलत पार्टी में सही व्यक्ति” हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद अंदरूनी मतभेद और बढ़ गए। इस घटनाक्रम ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इसके और बड़े राजनीतिक असर देखने की संभावना जताई जा रही है।