नई दिल्ली : दिल्ली में राजनीति एक बार फिर गरमा गई है जब अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा। पार्टी के राज्यसभा सांसदों के एक बड़े हिस्से के अलग होकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की घोषणा के बाद आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी में बढ़ते भ्रष्टाचार के कारण यह विभाजन स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ और सांसद भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं और उनकी पार्टी उनका स्वागत करती है। सचदेवा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल अब भ्रष्टाचार के पर्याय बन चुके हैं और पंजाब की जनता के लिए इस्तेमाल होने वाला पैसा गुजरात और गोवा में राजनीतिक गतिविधियों के लिए खर्च किया जा रहा है।
इससे पहले आम आदमी पार्टी के तीन सांसद- राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल- ने पार्टी से अलग होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पार्टी के कुल 10 सदस्यों में से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा में विलय का फैसला किया है।
राघव चड्ढा ने इस फैसले के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि वह पार्टी की गतिविधियों से इसलिए दूर हुए क्योंकि वह अपराधों का हिस्सा नहीं बनना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उनके सामने दो ही विकल्प थे- या तो राजनीति छोड़ दें और पिछले 15-16 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को समाप्त कर दें या फिर अपनी ऊर्जा और अनुभव के साथ सकारात्मक राजनीति करें।
भाजपा में शामिल होने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के अलावा स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी और राजिंदर गुप्ता के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें से कई सांसद पंजाब से जुड़े हुए हैं जिस कारण इस घटनाक्रम पर वहां विशेष प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि भाजपा ने एक बार फिर पंजाबियों के साथ धोखा किया है।
वहीं आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों को गद्दार करार दिया। उन्होंने उनके फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा ने किसानों और पंजाब के लोगों के साथ विश्वासघात किया है और ऐसे में उनके साथ मिलकर बदलाव लाने का दावा करना अविश्वसनीय है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले सातों सांसद पंजाब का प्रतिनिधित्व नहीं करते और उन्हें गद्दार बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में जाने के बाद भी उन्हें कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा।
राज्यसभा में इस तरह का संभावित विलय आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है जिससे संसद के उच्च सदन में उसकी ताकत पर सीधा असर पड़ सकता है।