कोलकाता: पश्चिम बंगाल चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जादवपुर में रैली के दौरान राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यहां “अकादमिक माहौल” की जगह अराजकता का माहौल बन गया है।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर “एंटी-नेशनल नारे” लिखे जा रहे हैं और छात्रों को पढ़ाई के बजाय विरोध-प्रदर्शन के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी यह संस्थान राष्ट्रवाद की मजबूत नींव माना जाता था, लेकिन अब यहां धमकियों का माहौल बन गया है।
उन्होंने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार अपने राज्य के सबसे बड़े शैक्षणिक संस्थान की रक्षा नहीं कर सकती, वह बंगाल के भविष्य को कैसे सुरक्षित रखेगी।
पीएम मोदी ने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में पिछले 15 वर्षों में बंगाल की पहचान को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि राज्य में घुसपैठियों को बसाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों की जमीन और रोजगार प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार और कथित दबाव की राजनीति के कारण राज्य के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, इस स्थिति का समाधान तभी संभव है जब राज्य में सत्ता परिवर्तन हो।
इस दौरान प्रधानमंत्री ने जादवपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार सरबरी मुखर्जी के समर्थन में प्रचार किया, जहां उनका मुकाबला टीएमसी के मौजूदा विधायक देबब्रत मजूमदार से है।
जादवपुर सीट पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) का गढ़ मानी जाती थी, जहां बुद्धदेव भट्टाचार्य का प्रभाव रहा। 2021 के चुनाव में देबब्रत मजूमदार ने करीबी मुकाबले में जीत हासिल की थी। इस बार CPI(M) ने विकाशरंजन भट्टाचार्य को मैदान में उतारा है।