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मतदान कर्मी के तौर पर किया काम लेकिन नहीं दे पाएंगे वोट, 65 कर्मी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से मतदान कर्मी वोट नहीं दे पाएंगे। ऐसी परिस्थिति में बंगाल के 65 मतदान कर्मी ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था।

By Moumita Bhattacharya, Saurav Nandi

Apr 24, 2026 15:39 IST

चिलचिलाती धूप में चुनाव का काम कर रहे हैं लेकिन SIR की प्रक्रिया में नाम कट गया है। वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से मतदान भी नहीं कर पाएंगे। ऐसी परिस्थिति में बंगाल के 65 मतदान कर्मी ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया था।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल इन सभी मतदान कर्मियों को खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ा। अदालत ने कहा कि नियमानुसार एपिलेट ट्राईब्यूनल में ही उन्हें आवेदन करना होगा।

शुक्रवार को मतदान कर्मियों के इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की खंडपीठ में हुई। शिकायतकर्ताओं के वकील मोहम्मद शमशेद ने अदालत में कहा कि गुरुवार को पहले चरण के मतदान के दौरान 65 लोग जिन्होंने मतदान कर्मी के तौर पर काम किया है उनका नाम SIR में मतदाता सूची से काट दिया गया है।

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लेकिन चुनाव आयोग के पास से चुनाव में ड्यूटी को लेकर उन्हें जो आदेश मिला है, उसमें उन सभी के एपिक नंबर (EPIC Number) का भी उल्लेख किया गया है। लेकिन SIR की प्रक्रिया के बाद उनके एपिक नंबर का कोई अस्तित्व ही नहीं है।

शिकायतकर्ताओं के वकील का कहना है कि उनलोगों ने चुनाव में काम किया है लेकिन वोट नहीं दे पा रहे हैं। यह कैसी व्यवस्था है? SIR में क्यों नाम हटाया गया, यह काफी लोगों को बताया तक नहीं गया है। इस मुद्दे पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर ऐसी परिस्थिति बनती है तो शिकायतकर्ताओं को एपिलेट ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाना होगा।

ट्रिब्यूनल को ही यह मामला देखना होगा। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ के एक अन्य न्यायाधीश जयमाल्य बागची ने कहा कि जो भी निर्देश देना होगा वह ट्रिब्यूनल ही देगी। इस चुनाव में शायद आप वोट नहीं दे पाएं लेकिन इस समय सबसे ज्यादा जरूरी मतदाता सूची में नाम शामिल करना है।

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