पहले चरण के आखिरी पलों में बीरभूम का खैरासोल में तनावपूर्ण माहौल बन गया। केंद्रीय बल के साथ मतदाताओं की झड़प के कई मामले सामने आए। बताया जाता है कि EVM में गड़बड़ी की वजह से जैसे ही मतदान बंद हो गया तो मतदाताओं ने केंद्रीय बल के खिलाफ विरोध जताना शुरू कर दिया।
पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़ की गयी। साथ ही केंद्रीय बल के जवानों पर पत्थरबाजी का आरोप भी लगाया गया। बताया जाता है कि इस घटना में करीब 6 जवान घायल हो गए हैं।
बताया जाता है कि परिस्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। यहां तक कि एक बार पुलिस कर्मियों को बंदूक निकालकर मतदाताओं को डराते हुए देखा गया। गुरुवार की शाम होते ही खैरासोल ब्लॉक का बुधपुर गांव में तनाव फैल गया।
बूथ नंबर 65 में अचानक EVM खराब होने का आरोप लगाया गया। मतदाताओं ने आरोप लगाया कि अगर तृणमूल के चुनाव चिन्ह पर वोट दिया जा रहा है तो वह वोट भाजपा को जा रही है। इस आरोप के सामने आने के बाद ही तनाव फैल गया।
EVM में धांधली का आरोप लगाते हुए मतदानकर्मियों पर दबाव डालकर मतदान प्रक्रिया को बंद करवा दिया गया। इसके बाद ही लाइन में लगे मतदाताओं का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने केंद्रीय बल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके बाद ही केंद्रीय बल के साथ मतदाताओं की झड़प होने लगी। आरोप है कि पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गयी।
परिस्थिति बिगड़ती देख केंद्रीय बल के जवान भी लाठी लेकर आगे बढ़े। पलटवार करते हुए जनता ने पत्थरबाजी की। पत्थरों से कई जवानों को चोट आने की जानकारी मिली। आखिरकर एक पुलिस कर्मी को अपनी पिस्तौल निकालकर मतदाताओं को डराते हुए ही देखा गया।