अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा रहे तो इसका सीधे असर परिवार पर पड़ता है। बिना कारण झगड़े-विवाद बढ़ते हैं, काम की गति कम हो जाती है, वित्तीय समस्याएं आती हैं और वैवाहिक संबंधों में भी तनाव पैदा होता है। वास्तु अनुसार इन समस्याओं के पीछे बेडरूम में कुछ चीजें हो सकती हैं। जो अनजाने में वास्तुदोष पैदा करती हैं और नकारात्मकता बढ़ाती हैं। अगर ऐसी कोई चीज हो, तो उसे जल्दी हटाना ही बेहतर है। इससे पति-पत्नी के बीच प्यार और शांति वापस आ सकती है।
1. दर्पण
स्नानघर में दर्पण नहीं रखना चाहिए। वास्तु के अनुसार, दर्पण नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकता है और दंपति के बीच गलतफहमी और अशांति पैदा कर सकता है। यदि दर्पण रखना ही अनिवार्य हो, तो रात को सोने से पहले इसे कपड़े से ढक देना चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर ही इसका उपयोग करना चाहिए।
2. बिस्तर का कचरा
बिस्तर के नीचे अनावश्यक या गंदी चीजें रखना बड़ी गलती है। जैसे- फटे हुए कपड़े, लोहे की वस्तुएं, जूते-चप्पल आदि नहीं रखने चाहिए। इन्हें नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, और यह संबंधों पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।
3. अनावश्यक चीज़ें
बेडरूम में कभी भी कचरा या अनावश्यक चीजें इकट्ठा नहीं करनी चाहिए। इससे कमरे की ऊर्जा भारी हो जाती है, नींद की समस्या होती है और मानसिक अशांति बढ़ती है। बेडरूम को कभी स्टोररूम में मत बदलें। केवल आवश्यक चीजें रखें और अतिरिक्त भारी फर्नीचर हटा दें।
4. कमरे का रंग
घर के रंग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बहुत गहरे रंग जैसे काला, गहरा नीला, गहरा हरा या चमकदार लाल रंग बेडरूम में इस्तेमाल न करना ही बेहतर है। इस प्रकार के रंग मानसिक शांति को नुकसान पहुंचा सकते हैं और झगड़े-विवाद बढ़ा सकते हैं। इसके बजाय हल्के और शांत रंग जैसे गुलाबी, हल्का नीला, लैवेंडर, सफेद या क्रीम रंग इस्तेमाल करना चाहिए।
5. सकारात्मक परिवर्तन
कुछ सकारात्मक बदलाव भी लाए जा सकते हैं। जैसे- बेडरूम में दंपति की खुशहाल तस्वीर रखना अच्छा है। इसके अलावा, लव बर्ड्स या फूलों की सुंदर तस्वीरें या पेंटिंग भी सकारात्मक वातावरण बनाती हैं। हर हफ्ते बिस्तर की चादर और तकिए के कवर बदलना चाहिए, ताकि सफाई और स्वच्छता बनी रहे।