नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई: तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में गुरुवार को मतदाताओं का उत्साह साफ दिखाई दिया। चुनाव आयोग (Election Commission of India) के अनुसार दोपहर 1 बजे तक तमिलनाडु में 56.81% और पश्चिम बंगाल में 62.18% मतदान दर्ज किया गया। तमिलनाडु में कई जिलों ने मतदान प्रतिशत में बढ़त दिखाई। तिरुप्पुर में सबसे अधिक 62.97% मतदान हुआ, जबकि नामक्कल (62.51%) और इरोड (61.97%) भी पीछे नहीं रहे। वहीं चेन्नई (54.58%), कोयंबटूर (58.24%) और मदुरै (54.75%) में अपेक्षाकृत कम मतदान दर्ज किया गया। नीलगिरि जिले में सबसे कम 50.42% वोटिंग हुई।
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में भी मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पश्चिम मेदिनीपुर (65.77%) सबसे आगे रहा, जबकि झाड़ग्राम (65.31%) और बांकुड़ा (64.58%) में भी भारी मतदान हुआ। मालदा में सबसे कम 58.45% वोटिंग दर्ज की गई।
दोनों राज्यों में सुबह से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है, जबकि पश्चिम बंगाल में 152 सीटों पर पहले चरण का मतदान जारी है और बाकी सीटों पर मतदान 29 मई को होगा। मतगणना 4 मई को होगी।
तमिलनाडु में कुल 5.73 करोड़ से अधिक मतदाता हैं, जिनमें महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। राज्य में 14.59 लाख से ज्यादा पहली बार वोट देने वाले मतदाता भी शामिल हैं।
राजनीतिक मुकाबले की बात करें तो यहां मुख्य टक्कर द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के नेतृत्व वाले गठबंधन और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के नेतृत्व वाले एनडीए के बीच मानी जा रही है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी शामिल है।
पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में हैं, जबकि भाजपा भी राज्य में सरकार बनाने के लिए जोर लगा रही है। चुनाव आयोग के मुताबिक इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला काफी रोचक और कड़ा माना जा रहा है।