श्रीनगर: भारत की सुरक्षा एजेंसियां लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े आतंकी नेटवर्क के सरगना की तलाश में तेज हो गई हैं। जानकारी के अनुसार संगठन का शीर्ष कमांडर उमर हॅरिस, जो भारत में ‘सज्जाद’ नाम से फर्जी पहचान के साथ रह रहा था अब देश छोड़कर भाग चुका है। उसे उसकी तेज भागने की क्षमता के कारण संगठन में ‘खरगोश’ के नाम से जाना जाता था। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मार्च के अंत में लंबे समय से चल रही कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अबू हुरैरा उर्फ अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया था। उसके साथ ही पाकिस्तानी आतंकी उस्मान उर्फ खुबैब और तीन कश्मीरी ओवर ग्राउंड वर्कर्स—मोहम्मद नकीब भट, आदिल रशीद भट और गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा को भी पकड़ा गया था। इन्हीं गिरफ्तारियों से पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि यह आतंकी नेटवर्क कश्मीर के बाहर भारत के कई राज्यों में सक्रिय था। साथ ही यह भी पता चला कि नेटवर्क का मास्टरमाइंड ‘सज्जाद’ नकली दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रहा था और पुलिस की जांच शुरू होते ही देश छोड़कर भाग गया। सूत्रों के अनुसार उमर हॅरिस ने राजस्थान के जयपुर में एक शादी भी की थी। उसकी पहचान और गतिविधियों को छिपाने के लिए उसने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया और लगातार एक जगह से दूसरी जगह भागता रहा। इसी कारण संगठन में उसकी पहचान ‘खरगोश’ बन गई थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि 2024 में जब उसके मॉड्यूल पर कड़ी कार्रवाई शुरू हुई, तब वह भारत से फरार होकर इंडोनेशिया के रास्ते सऊदी अरब पहुंच गया। अब भारतीय एजेंसियां सऊदी सरकार से संपर्क कर रही हैं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वहां उसे गिरफ्तार किया गया है या नहीं। गोपनीय जांच में यह भी सामने आया है कि उमर हॅरिस पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का रहने वाला है और उसका अपराध से जुड़ा लंबा इतिहास रहा है। बाद में वह कराची चला गया, जहां कई मामले दर्ज होने के बाद वह लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गया।करीब 2012 में उसे कश्मीर भेजा गया था, जहां उसने बांदीपोरा और श्रीनगर में अपना नेटवर्क मजबूत किया। इसके बाद उसने पंजाब, राजस्थान और हरियाणा तक अपनी गतिविधियां फैलाईं और नकली पहचान ‘सज्जाद’ बनाकर रहना शुरू किया।जांच में यह भी सामने आया है कि उसके और अबू हुरैरा के नेटवर्क के जरिए करीब 40 आतंकियों की भारत में घुसपैठ कराई गई थी, जिनमें से अधिकतर को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है। फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और अन्य केंद्रीय एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक कैसे हुई और ‘खरगोश’ देश से कैसे भागने में सफल रहा।