हैदराबाद (तेलंगाना): हैदराबाद सिटी पुलिस ने देशभर में सक्रिय एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 52 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में 32 बैंक अधिकारी, 15 म्यूल अकाउंट धारक और 5 बिचौलिए/एग्रीगेटर शामिल हैं। यह अभियान एक सप्ताह तक चला और इसे ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0’ नाम दिया गया।
कई राज्यों में एक साथ छापेमारी
यह ऑपरेशन डीसीपी (साइबर क्राइम) वी अरविंद बाबू और एसीपी आर जी शिवा मारुति की निगरानी में चलाया गया। पुलिस की 16 विशेष टीमें महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और बिहार में एक साथ सक्रिय रहीं। गिरोह मुख्य रूप से निवेश घोटाले, ट्रेडिंग फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों में शामिल था, जहां लोगों को डराकर और गुमराह कर पैसे ठगे जाते थे।
350 बैंक खातों का नेटवर्क, ₹150 करोड़ का लेनदेन उजागर
जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क से जुड़े करीब 350 बैंक खाते देशभर के लगभग 850 मामलों में इस्तेमाल हुए, जिनमें करीब ₹150 करोड़ का लेनदेन हुआ। बंधन बैंक के एक रिलेशनशिप मैनेजर को भी गिरफ्तार किया गया, जिस पर फर्जी खातों के संचालन में सहयोग का आरोप है।
पुलिस ने 26 मोबाइल फोन, 14 चेकबुक, 2 पेन ड्राइव, 1 लैपटॉप और 21 शेल कंपनियों की मुहरें जब्त की हैं। अधिकारियों के अनुसार, निजी बैंकों में केवाईसी और ड्यू डिलिजेंस में बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिससे म्यूल अकाउंट खोलना आसान हुआ।
हैदराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई गई है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच जारी है और इस नेटवर्क के बड़े सरगनाओं तक पहुंचने के लिए ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’ आगे भी जारी रहेगा।