🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

महिला आरक्षण बिल पर बवाल: राहुल गांधी के आवास की ओर मार्च कर रहीं भाजपा महिला सांसदों को पुलिस ने रोका

संसद में बिल फेल होने के बाद सड़कों पर सियासत, भाजपा का विपक्ष पर महिला विरोधी होने का आरोप

By डॉ. अभिज्ञात

Apr 19, 2026 11:59 IST

नई दिल्ली: शनिवार को दिल्ली पुलिस ने महिला आरक्षण विधेयक पारित न होने के विरोध में प्रदर्शन कर रही भारतीय जनता पार्टी की महिला सांसदों को हिरासत में लिया। ये सांसद लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास की ओर मार्च कर रही थीं।

पुलिस ने केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे, भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज, कमलजीत सहरावत सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं की भीड़ को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का भी इस्तेमाल किया, जब वे राहुल गांधी के निवास की ओर बढ़ रही थीं।

भाजपा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस के रुख को “महिला विरोधी” बताया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी और पोस्टर के जरिए विरोध जताया। 230 विपक्षी सांसदों द्वारा संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ मतदान के बाद यह विरोध और तेज हो गया। प्रदर्शन के दौरान राहुल का पुतला भी फूंका गया।


कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, बल्कि इस विधेयक को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का विरोध कर रही है। प्रस्तावित परिसीमन के तहत लोक सभा की सीटों को बढ़ाकर 815 करने की बात कही गई है। कांग्रेस का दावा है कि इससे दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा सांसद हेमा मालिनी भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि विधेयक को पारित नहीं होने दिया गया, इसलिए देशभर में महिलाएं विरोध कर रही हैं। उनके अनुसार काफी प्रयासों के बावजूद बिल पारित नहीं हो सका, जिससे महिलाओं में नाराजगी है।

भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है और उनके राजनीतिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिश की है।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि वे 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के मुद्दे पर विपक्ष को घेर सकते हैं।

महिला आरक्षण को 2029 के आम चुनावों से लागू करने से जुड़े इस संविधान संशोधन विधेयक को पहले लोक सभा में पराजित कर दिया गया था क्योंकि विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ मतदान किया।

तीनों विधेयकों पर हुई वोटिंग में 298 सदस्यों ने समर्थन किया, जबकि 230 ने विरोध में मत दिया।

हालांकि 2023 का महिला आरक्षण कानून अभी भी प्रभावी है, लेकिन इसका क्रियान्वयन भविष्य की जनगणना से जुड़ा हुआ है।

Articles you may like: