पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्य में नए मतदाताओं की संख्या में वृद्धि से संबंधित जानकारियां जारी की हैं। बताया जाता है कि मतदाता सूची का मसौदा जारी होने के बाद से नामांकन जमा होने की आखिरी तारीख तक 7 लाख नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है।
आयोग सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फॉर्म 6 जमा कर करीब 7 लाख मतदाताओं ने आवेदन किया था। जांच-परख करने के बाद नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। बताया जाता है कि 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख थी।
उस दिन तक कुल 6 लाख 96 हजार 824 नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। इसमें से पहले चरण के मतदाताओं की संख्या 3 लाख 22 हजार 17 और दूसरे चरण के मतदाताओं की संख्या 3 लाख 87 हजार 747 बढ़ी है।
गौर करने वाली बात है कि 28 फरवरी को, यानी जिस दिन अंतिम मतदाता सूची जारी हुई थी, उस दिन 1 लाख 88 हजार 207 नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया था। चुनाव आयोग का दावा है कि अगले करीब एक महीने के दौरान करीब 5 लाख नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है।
बात अगर जिलावार आंकड़ों की करें तो सबसे ज्यादा नए मतदाता उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली, कोलकाता और पूर्व मिदनापुर में जोड़े गए हैं। उत्तर 24 परगना जिले में सर्वाधिक 71 हजार से अधिक नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है।
वहीं कोलकाता में करीब 44 हजार नए मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। आयोग द्वारा जारी आंकड़ों पर गौर करने पर एक बात स्पष्ट हो रही है कि पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या कम हुई है। इससे पहले जब मतदाता सूची का मसौदा जारी किया गया था तब भी यहीं हुआ था।
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बता दें, मतदाता सूची के विशेष संशोधन (SIR) से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 66 लाख थी। बताया जाता है कि अभी तक राज्य में 83 लाख 86 हजार 521 मतदाताओं की संख्या घटी है। पुरुषों की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या में ज्यादा कमी आयी है।
वर्तमान में राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 6 करोड़ 82 लाख 51 हजार 8 है। आयोग द्वारा जारी आंकड़ों की मानें तो इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 3 करोड़ 49 लाख से अधिक, महिला मतदाताओं की संख्या 3 करोड़ 33 लाख से कुछ अधिक और तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या 1,257 बतायी जा रही है।
आयोग का दावा है कि ट्रिब्यूनल में विचाराधीन मामलों के निपटारे के बाद इस संख्या में कुछ और वृद्धि होगी।