उत्तराखंड में एक ओर जहां चार धाम (केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के कपाट खोलने की तैयारियां अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी हैं। वहीं दूसरी ओर गुरुद्वारा 'हेमकुंड साहिब' के दरवाजे भी खोलने की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
बता दें, 'हेमकुंड साहिब' दुनिया में सबसे ऊंचाई पर मौजूद गुरुद्वारा है, जहां हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। चार धाम की तरह ही 'हेमकुंड साहिब' के लिए रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 'हेमकुंड साहिब' गुरुद्वारा के दरवाजे 23 मई को खुलेंगे।
कैसे करें रजिस्ट्रेशन और कैसे पहुंचे 'हेमकुंड साहिब'?
कहां है 'हेमकुंड साहिब' और क्या है इतिहास?
'हेमकुंड साहिब' गुरुद्वारा उत्तराखंड में 15,197 फीट की ऊंचाई पर मौजूद है। यह दुनिया में सबसे ऊंचाई पर मौजूद गुरुद्वारा है। यह गुरुद्वारा सिख धर्म क 10वें गुरु, गुरु गोविंद सिंह को समर्पित है। कहा जाता है कि अपने शुरुआती जीवन में गुरु गोविंद सिंह ने यहां ध्यान किया था। इसके साथ ही इस जगह की हिंदु धर्म में भी काफी मान्यताएं हैं। माना जाता है कि यहां श्रीराम के भाई लक्ष्मण ने भी ध्यान लगाया था।
कब से शुरू हो रहा है चार धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा? Samachar Ei Samay कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
'हेमकुंड साहिब' की यात्रा पर जाने के लिए चार धाम यात्रा की तरह ही रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के लिए आपको registrationandtouristcare.uk.gov.in पर जाना होगा। इसके बाद दिए गए बॉक्स में सारी जानकारियां और मोबाइल नंबर डालकर आपको अपना रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा।
आसपास घुमने की जगह?
अगर आपने 'हेमकुंड साहिब' की यात्रा पर जाने का मन बना लिया है तो आसपास कुछ ऐसी जगहें भी हैं जहां गए बिना आपकी यात्रा अधुरी मानी जाएगी। 'हेमकुंड साहिब' के पास ही 'फूलों की घाटी' (Valley of Flowers) मौजूद है, जो एक UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। इसके साथ ही पास में मौजूद हेमकुंड लेक, लक्ष्मण मंदिर, गोविंद घाट और बद्रीनाथ धाम के दर्शन के लिए भी जा सकते हैं।
हेमकुंड साहिब ANI कैसे पहुंचे?
नजदीकी रेलवे स्टेशन - देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश
नजदीकी एयरपोर्ट - जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून
नजदीकी बस स्टॉप - देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश
रूट : देहरादून-ऋषिकेश-देवप्रयाग-रुद्रप्रयाग-कर्णप्रयाग-नंदप्रयाग-जोशीमठ-गोविंदघाट-घांघरिया-हेमकुंड साहिब
खास बात है कि 'हेमकुंड साहिब' गुरुद्वारा में लगातार गुरु ग्रंथ साहिब का पाठ होता रहता है। इसके साथ ही प्रतिकुल मौसम व ऊंचाई होने के बावजूद भक्तों के लिए लंगर की व्यवस्था की जाती है।
नोट : 18 अप्रैल 2026 को 'हेमकुंड साहिब' का न्यूनतम तापमान -5 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गयी।