नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित कर सकते हैं। माना जा रहा है कि वे संसद में पारित न हो सके महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर अपनी बात रखेंगे।
इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के अन्य दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रयास पर विपक्ष एकजुट नहीं हो पाया।
स्मृति के अनुसार वर्षों से महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस का रुख अब सामने आ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखाई, जबकि भाजपा इसे समान अधिकार की लड़ाई मानती है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दशकों में महिलाओं को कई बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया, जबकि मौजूदा सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू कीं, जिनमें जेंडर बजट जैसे कदम भी शामिल हैं।
शुक्रवार को लोकसभा में सरकार आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटाने में असफल रही। मतदान में 298 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि 230 ने विरोध में वोट दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया कि विधेयक पारित नहीं हो सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार इससे जुड़े अन्य विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाएगी।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर महिला आरक्षण रोकने का आरोप लगाया। वहीं राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने का विरोध करते हैं। तमिलनाडु में एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि यह विधेयक वास्तव में परिसीमन से जुड़ा था और इससे दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता था। उन्होंने भारत को राज्यों का संघ बताते हुए हर राज्य की बराबर भागीदारी पर जोर दिया।
इस बीच भाजपा और उसके सहयोगी दल कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। उनका आरोप है कि विपक्ष महिलाओं की प्रगति के खिलाफ है।