पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में महज कुछ ही दिन रह गए हैं। पहले चरण का चुनाव गुरुवार, 23 अप्रैल को राज्य के 16 जिलों में होगा। उससे पहले चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व कदम उठाया है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे विधानसभा केंद्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार घुसपैठ इत्यादि को रोकने के लिए ड्रोन समेत अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करने पर चुनाव आयोग अधिक जोर दे रहा है।
नाइट विजन कैमरे और ड्रोन - सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट
बताया जाता है कि परिस्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए सोमवार से इन इलाकों में अतिरिक्त निगरानी की जाएगी। राज्य में जिन इलाकों में नदियां, पहाड़ और जंगल जैसे दुर्गम इलाके हैं वहां ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी ताकि चुनाव के दौरान बांग्लादेश, नेपाल और भूटान से घुसपैठ को रोका जा सकें। इस वजह से सीमावर्ती इलाकों में 'नाइट विजन' कैमरे लगाए जा रहे हैं। मालदह जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों से सटे जिलों में प्रशासन की अनुमति के बिना आम जनता को ड्रोन उड़ाने पर रोक लगायी गयी है।
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चुनाव के दिन संदेहास्पद व्यक्तियों को अविलंब गैर जमानती धाराओं में गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है इस बाबत पुलिस प्रशासन से रिपोर्ट भी मांगी गयी है।
मिली जानकारी के अनुसार आज (शनिवार) चुनाव से संबंधित सारी तैयारियों का जायजा लेने के लिए CEO बर्धमान जा रहे हैं। इसके बाद आसनसोल में प्रशासनिक बैठक करने के बाद वह कोलकाता वापस लौटेंगे। सोमवार की सुबह वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर से वह मालदह के दौरे पर जाएंगे। वहां से उत्तर दिनाजपुर होकर वह कुचबिहार जाएंगे।
मंगलवार को कुचबिहार से पश्चिम मिदनापुर का दौरा करेंगे और वापस हेलीकॉप्टर से कोलकाता लौटेंगे। बताया जाता है कि चुनाव आयोग ने CEO के लिए वायुसेना के विशेष हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की है जो विधानसभा चुनाव के मामले में अभूतपूर्व ही माना जा रहा है। इससे पहले किसी भी CEO को चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए हेलीकॉप्टर से आवाजाही करते हुए नहीं देखा गया था।