बेरूतः इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच 10 दिन के संघर्षविराम के लागू होने के बावजूद लेबनान में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। शुक्रवार को कूनिन क्षेत्र में एक इजरायली ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक सीरियाई नागरिक भी शामिल है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमला एक कार और मोटरसाइकिल को निशाना बनाकर किया गया। यह सीजफायर लागू होने के बाद दर्ज पहला हवाई हमला और पहली मौत है।
लेबनानी सेना और संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में कुछ स्थानों पर संघर्षविराम के बाद भी रुक-रुक कर तोपखाने से गोलाबारी हुई। वहीं इजरायली सेना की ओर से इस हमले पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
इजरायल का कहना रहा है कि वह सीजफायर के बावजूद संभावित खतरों के जवाब में कार्रवाई का अधिकार रखता है। दूसरी ओर हिज़्बुल्लाह की ओर से भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सीजफायर के बाद हालात में कुछ राहत देखने को मिली है, जिसके चलते हजारों विस्थापित लोग अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। हालांकि दक्षिणी लेबनान के कई क्षेत्रों में तबाही और अनिश्चितता के बीच वापसी आसान नहीं है।
बेरूत और दक्षिणी इलाकों में लोग अभी भी राहत शिविरों और अस्थायी ठिकानों में रह रहे हैं। कई परिवार स्थिति को देखते हुए धीरे-धीरे लौटने का फैसला कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग सुरक्षा की अनिश्चितता के कारण इंतजार कर रहे हैं। सीमावर्ती इलाकों में लौट रहे लोगों ने अपने घरों की तबाही और भविष्य को लेकर चिंता जताई है। कई निवासियों का कहना है कि हालात पूरी तरह स्थिर होने तक लौटना जोखिम भरा है।