कोलकाता : भारत का चुनाव आयोग ने हर मतदाता को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए डिशन हॉस्पिटल के साथ मिलकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। “केयर बियॉन्ड हॉस्पिटल्स: एम्पावरिंग एवरी वोटर विद एक्सेसिबिलिटी” नामक यह पहल कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित हुई।
इस पहल का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को सभी के लिए आसान और समावेशी बनाना था खासकर बुजुर्गों और चलने-फिरने में असमर्थ लोगों के लिए। कार्यक्रम के तहत मतदान केंद्रों पर ऐसे मतदाताओं की मदद के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराए गए ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।
यह पहल चुनाव आयोग के ‘सिस्टेमैटिक वोटर एजुकेशन एंड इलेक्ट्रोरल पार्टिसिपेशन’ (SVEEP) कार्यक्रम के अंतर्गत की गई। इसका मुख्य लक्ष्य मतदाताओं में जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम में डिशन हॉस्पिटल के ग्रुप डायरेक्टर डॉ. सौमित्र भारद्वाज और सीनियर मेडिकल डायरेक्टर डॉ. सुजॉय रंजन देब के साथ चुनाव आयोग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इनमें बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र के नोडल अधिकारी बिस्वजीत दासगुप्ता और श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र की नोडल अधिकारी श्रेया सोम शामिल थीं।
चुनाव आयोग के प्रतिनिधियों ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान प्रक्रिया को सभी के लिए सुलभ बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस तरह की पहल बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं की समस्याओं को कम करने में मदद करती है।
डिशन हॉस्पिटल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सजल दत्ता ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा केवल अस्पताल तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि असली सेवा लोगों को सम्मानजनक और सशक्त जीवन जीने में मदद करना है। उन्होंने कहा कि इस पहल के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि कोई भी व्यक्ति केवल शारीरिक कठिनाइयों के कारण मतदान से वंचित न रहे।
इस पहल को जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और मतदान को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।