कोलकाताः पश्चिम बंगाल में मौसम ने एक बार फिर तेजी से करवट ली है। पोएला वैशाख की भीषण गर्मी और उमस के बाद राज्य के कई हिस्सों में आसमान ने अचानक अपना मिजाज बदल दिया है। सुबह से बादलों की घनी परतें छाई हुई हैं और कई इलाकों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम के इस बदलाव ने तापमान में गिरावट तो लाई है, लेकिन साथ ही कालबैसाखी जैसे मौसमीय जोखिम भी बढ़ा दिए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 16 से 18 अप्रैल के बीच का समय राज्य के लिए काफी संवेदनशील है। दोपहर के बाद कई जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। हवाओं की रफ्तार सामान्यतः 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 50–60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दौरान पेड़ों के गिरने और स्थानीय जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।
दक्षिण बंगाल में किन जिलों पर असर
पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम मिदनापुर, झाड़ग्राम, पूर्व व पश्चिम बर्धमान, बीरभूम और मुर्शिदाबाद में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश और काल वैशाखी जैसी स्थिति बन सकती है। हावड़ा और हुगली सहित तटीय क्षेत्रों में भी बौछारें पड़ने के आसार हैं।
शनिवार तक बीरभूम, मुर्शिदाबाद और नदिया के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश जारी रह सकती है।
उत्तरी बंगाल में भी बदला मौसम का रुख
उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। यहां 40–50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मालदा और उत्तर-दक्षिण दिनाजपुर में छिटपुट बारिश की संभावना बनी रहेगी।
तापमान और उमस की स्थिति
बारिश के बावजूद फिलहाल गर्मी से पूरी राहत की उम्मीद नहीं है। हवा में नमी अधिक रहने के कारण उमस बनी रहेगी।
कोलकाता में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि पश्चिम बंगाल के पश्चिमी जिलों में तापमान 38 से 40 डिग्री तक पहुंच सकता है। उत्तर बंगाल में अगले दो दिनों में तापमान लगभग 2 डिग्री तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।
मौसम बदलने की वजह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह बदलाव बांग्लादेश के उत्तरी हिस्से में बने चक्रवाती परिसंचरण और उत्तर-पश्चिम बिहार से मणिपुर तक फैली ट्रफ लाइन के कारण हो रहा है। यह सिस्टम समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी इस मौसमी गतिविधि को और मजबूत कर रही है। इससे गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बन रही है।
सावधानी और सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों में न रहने, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने तथा दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है। किसानों को फसल सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। साथ ही नियमित रूप से मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।
बंगाल का यह बदलता मौसम एक ओर जहां तपती गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर काल वैशाखी के रूप में नई चुनौती भी लेकर आया है। अगले 48 घंटे सतर्क रहने की सलाह दी गयी है।