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रॉबर्ट वाड्रा को कोर्ट का समन, शिकोहपुर जमीन सौदा मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी कार्रवाई

गुरुग्राम जमीन घोटाला मामला में रॉबर्ट वाड्रा और कंपनियों पर ईडी की कार्रवाई, 16 मई को पेशी

By डॉ. अभिज्ञात

Apr 15, 2026 19:05 IST

नई दिल्ली: गुरुग्राम के चर्चित शिकोहपुर जमीन सौदा मामले में बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा समेत कुल 9 लोगों को समन जारी किया है। उल्लेखनीय है कि रॉबर्ट वाड्रा कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के पति हैं।

ईडी चार्जशीट पर कोर्ट का संज्ञान

अदालत ने सभी अभियुक्तों को 16 मई 2026 को पेश होने के लिए कहा है। इनमें रॉबर्ट वाड्रा, केवल सिंह विर्क और कई कंपनियां शामिल हैं, जैसे एम/एस स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस स्काई लाइट रियलिटी प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस रियल अर्थ एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस ब्लू ब्रीज़ ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस नॉर्थ इंडिया आईटी पार्क्स प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस लम्बोदर आर्ट एंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और एम/एस एसजीवाई प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड।

आसान भाषा में समझें तो अदालत ने कहा है कि ईडी के पास जो शुरुआती सबूत हैं, उन्हें देखते हुए मामला सुनवाई के लायक है इसलिए अब सभी अभियुक्तों को कोर्ट में आकर अपना पक्ष रखना होगा।

गुरुग्राम जमीन घोटाला मामला: कैसे हुआ पूरा मामला

ईडी का कहना है कि यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। यानी गलत तरीके से कमाए गए पैसे को जमीन खरीदने और बेचने में इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे सौदे में पैसे को कई स्तरों पर घुमाकर इस्तेमाल किया गया ताकि असली स्रोत छिपाया जा सके। जांच में सामने आया कि स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी नाम की कंपनी ने करीब 3 एकड़ जमीन खरीदी। कागजों में दिखाया गया कि 7.5 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, लेकिन असल में पैसा बाद में दिया गया। ऐसा करने से स्टाम्प ड्यूटी बचाने की कोशिश की गई। ईडी का यह भी आरोप है कि बाद में इसी जमीन को ज्यादा कीमत पर डीएलएफ को बेच दिया गया और जरूरी लाइसेंस भी जल्दी-जल्दी हासिल किए गए। एजेंसी का कहना है कि इस पूरे लेन-देन में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनियों की हिस्सेदारी 98% से 99% तक थी, इसलिए उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।

यह मामला 2008 के एक पुराने सौदे से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव (सेक्टर 83) में करीब 3.53 एकड़ जमीन नियमों का उल्लंघन कर खरीदी गई थी।

ईडी ने जांच के दौरान जुलाई 2025 में करीब 37.64 करोड़ रुपये की 43 संपत्तियां भी अस्थायी रूप से जब्त की थीं। एजेंसी का मानना है कि ये संपत्तियां उसी कथित अवैध कमाई से खरीदी गई हैं।

अब यह मामला अदालत में आगे बढ़ेगा, जहां सभी अभियुक्तों को अपने पक्ष में सफाई देने का मौका मिलेगा और अदालत तय करेगी कि आरोप सही हैं या नहीं।

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